कटड़ा में नवरात्र का भव्य उत्सव, जयकारों से गूंज रहा त्रिकूट पर्वत; श्राइन बोर्ड की बेहतर व्यवस्थाओं से भक्तों की यात्रा को मिल रही सुविधा

मां वैष्णो देवी के दरबार में आस्था का महाकुंभ, 4 दिन में 1.67 लाख श्रद्धालुओं ने किए दिव्य दर्शन

कटड़ा में नवरात्र का भव्य उत्सव, जयकारों से गूंज रहा त्रिकूट पर्वत; श्राइन बोर्ड की बेहतर व्यवस्थाओं से भक्तों की यात्रा को मिल रही सुविधा

कटड़ा। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मां श्री वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देशभर से श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ रहे हैं। नवरात्र के पहले 4 दिनों में 1.67 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया है। धर्मनगरी कटड़ा से लेकर त्रिकूट पर्वत पर स्थित पवित्र भवन तक वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता भवन और मां के जयकारों से गूंजता यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा रहा है।

मां के प्रति अटूट आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लंबी कतारों और घंटों के इंतजार के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं है। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं पूरे परिवार के साथ मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कोई पैदल यात्रा कर रहा है तो कोई घोड़े, पालकी, पिट्ठू, बैटरी कार और हेलीकॉप्टर की सुविधा लेकर भवन तक पहुंच रहा है। हर तरफ मां के जयकारे और भक्ति के स्वर सुनाई दे रहे हैं।

पहले 3 दिनों में ही 1.42 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

नवरात्र के पहले दिन 11 अक्टूबर को 47,500 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। दूसरे दिन 12 अक्टूबर को 48,300 और तीसरे दिन 13 अक्टूबर को 46,500 श्रद्धालुओं ने यात्रा की। वहीं, चौथे नवरात्र यानी 14 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक लगभग 25,000 श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। इस तरह 4 दिनों में श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1.67 लाख से अधिक पहुंच गई। आंकड़े मां के दरबार के प्रति देशभर के भक्तों की गहरी आस्था और नवरात्र के प्रति उनके उत्साह को दर्शाते हैं।

श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं से सुगम हो रही यात्रा

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जुटी हुई हैं। पंजीकरण केंद्रों से लेकर यात्रा मार्ग और भवन परिसर तक व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए भवन पर सभी कृत्रिम गुफाओं के द्वार खोले गए हैं, जिससे दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।

सुरक्षा कर्मी प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं और अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही दर्शन और यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

फलाहार और निशुल्क लंगरों में मिल रही सेवा

नवरात्र में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्राइन बोर्ड के भोजनालयों में फलाहार की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अर्धकुंवारी, ताराकोट मार्ग, सांझीछत और भैरव घाटी सहित विभिन्न स्थानों पर संचालित निशुल्क लंगरों में श्रद्धालुओं को भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया जा रहा है। सेवा और समर्पण की यह भावना यात्रा को और भी विशेष बना रही है।

मां के दर्शन के साथ श्रद्धालु पवित्र गर्भजून गुफा और भैरव बाबा के दर्शन कर अपनी यात्रा को आध्यात्मिक रूप से यादगार बना रहे हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उपलब्ध विभिन्न साधनों से बुजुर्गों और जरूरतमंद यात्रियों को भी लाभ मिल रहा है।

त्रिकूट पर्वत पर सुहावना मौसम, भक्तिमय हुआ कटड़ा

बुधवार को कटड़ा और त्रिकूट पर्वत क्षेत्र में बादलों की आवाजाही के बीच बीच-बीच में धूप भी खिली। ठंडी हवाओं के बीच गर्म कपड़े पहनकर श्रद्धालु पूरे उत्साह से मां के भवन की ओर बढ़ते रहे। मौसम में बदलाव के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह बरकरार रहा।

नवरात्र के अवसर पर रोशनी से सजा मां का पवित्र भवन श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कटड़ा में उत्सव जैसा माहौल है और श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। मां के दरबार में उमड़ रही आस्था, सेवा भाव से जुटे स्वयंसेवकों और बेहतर व्यवस्थाओं के बीच नवरात्र का पर्व भक्ति, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दे रहा है।

जय माता दी के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं की एक ही कामना है?मां सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करें और सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।