जी राम जी योजना में खुलेआम भ्रष्टाचार चकिया ब्लॉक में 7500 से अधिक मजदूरों के मस्टररोल केवल कागजों पर धरातल पर मजदूरों की मौजूदगी न के बराबर, डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रà¤

जी राम जी योजना में खुलेआम भ्रष्टाचार चकिया ब्लॉक में 7500 से अधिक मजदूरों के मस्टररोल केवल कागजों पर

धरातल पर मजदूरों की मौजूदगी न के बराबर, डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन

 सरकार के सरकारी मंसो को चकिया ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारी धरातल के बजाय कागजों पर डकार रहे 

चकिया (चंदौली)। चकिया विकासखंड में जी राम जी योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों को लेकर चिंतजनक सवाल उठ रहे हैं।समाजसेवीयो का आरोप है कि कागजों पर 7500 से अधिक मजदूरों के नाम से मास्टररोल भरे जा रहे हैं, जबकि कई कार्यस्थलों पर मजदूरों की वास्तविक मौजूदगी संदिग्ध बताई जा रही है।

इस मामले में खंड विकास अधिकारी अनिल राय, एपीओ मनरेगा रंजीत कुमार जायसवाल और अन्य संबंधित ब्लॉक के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल लगातार उठ रहे है । यही नहीं यह पूरा मामला चकिया ब्लाक के आका खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार राय की पूरी जानकारी में भ्रष्टाचार का सिंडिकेट चल रहा है।

लगातार ग्रामीणों की मांग है कि मास्टर रोल में दर्ज मजदूरों की संख्या का मौके पर सत्यापन कराया जाए। एक ग्रामीण ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा, ?सरकारी रिकॉर्ड में जितने मजदूरों की उपस्थिति दिखाई जा रही है, उसकी वास्तविकता की जांच होनी चाहिए। अधिकारी गांवों में पहुंचकर देखें कि मौके पर कितने लोग काम कर रहे हैं और किसे मजदूरी मिल रही है।?

 

 चकिया के इन ग्राम पंचायत में खुले आम विभाग के मिली भगत से लूटपाट सरकारी धन का किया जा रहा है जो निम्न है- अमरा दक्षिणी, बसनिया, बीकापुर, भभौरा, भटवारा कला, भीषमपुर, बोदलपुर, डाबरीकला, धनावल कला, दुबेपुर, गरला, गढ़वा सेमरौर, इंद्रपुरवा, इसहुल, जमुआ, करवदिया, केराडीह, कुशही, लालपुर, लठिया कला, महादेवपुर कला, मैनपुर, मवैया, मुजफ्फरपुर, नौडीहा, नेवाजगंज, पचवनिया, परसियाकला, रघुनाथपुर, राम लक्ष्मणपुर, रामपुर कला, तिलौरी और विजयपुरवा शामिल हैं।

इस मामले में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जल्द ही टीम गठित कर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब ग्रामीणों की निगाहें जांच पर टिकी हैं। मांग है कि कार्यस्थलों का स्थलीय निरीक्षण, मास्टर रोल, मजदूरों की उपस्थिति और भुगतान अभिलेखों का मिलान कर निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आए और पात्र श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा हो सके।