धान खरीद में देरी पर पूरनपुर मंडी में भड़के किसान, धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम के बाद शुरू हुई तौल

पीलीभीत। धान खरीद में हो रही देरी और किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को पूरनपुर मंडी में धरना-प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर विरोध जताया। किसान यूनियन के अध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलन के बाद मंडी में धान की तौल शुरू हुई, जिससे किसानों को राहत मिली। धरना-प्रदर्शन के दौरान भाकियू टिकैत ने सरकारी धान क्रय केंद्रों के सुचारु संचालन, खाद की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों और किसानों के कथित शोषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। संगठन ने मांग की कि सभी सरकारी धान क्रय केंद्र नियमित रूप से संचालित किए जाएं और प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन कम से कम 600 क्विंटल धान की तौल सुनिश्चित की जाए। साथ ही नमी के नाम पर किसानों को परेशान करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई।

खाद वितरण और खरीद सीमा में बदलाव की मांग

किसान यूनियन ने खाद की ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त कर खतौनी के आधार पर किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इसके अलावा किसानों की वास्तविक उपज के अनुसार धान खरीद की सीमा में संशोधन करने और राइस मिलों में रखे स्टॉक की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि धान खरीद में देरी के कारण किसानों को मंडियों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की उपज समय पर नहीं खरीदे जाने से उनकी मुश्किलें बढ़ती हैं। ऐसे में सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद व्यवस्था को प्रभावी बनाने और किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की जरूरत है।

समस्याएं दूर नहीं हुईं तो तेज होगा आंदोलनभाकियू टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया और मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी मेहनत की कमाई का उचित मूल्य सुनिश्चित कराने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

ये पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में प्रदेश सचिव सौराज सिंह सिद्धू, जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी, जिला मीडिया प्रभारी गुरजीत सिंह विर्क, जिला महासचिव बलजीत सिंह, दिनेश कश्यप, नानक सिंह, मुन्ना गौतम, अरुण गंगवार, निजामुद्दीन गाजी, कन्हैया लाल और श्याम सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।