सर्द हवाओं के बीच भी नहीं थमा मां वैष्णो देवी का जयकारा, 18 हजार से अधिक श्रद्धालु भवन की ओर रवाना

कटड़ा। मौसम में बदलाव, सर्द हवाओं और त्रिकूट पर्वत पर छाए बादलों के बीच भी माता वैष्णो देवी के भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। सोमवार को कटड़ा में मौसम का मिजाज बदला नजर आया, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार रहा। सुबह से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु परिवार और मित्रों के साथ माता के दर्शन के लिए भवन की ओर रवाना होते रहे।

रविवार रात हल्की बूंदाबांदी के बाद सोमवार को दिनभर ठंडी हवाएं चलती रहीं। त्रिकूट पर्वत पर अधिकांश समय बादल छाए रहे। मौसम के कारण कटड़ा से भवन के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवा दिन के अधिकांश समय प्रभावित रही, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं की यात्रा पर खास असर नहीं पड़ा। बैटरी कार सेवा, घोड़ा-पिट्ठू और पालकी जैसी सुविधाएं लगातार उपलब्ध रहीं, जिससे श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा करते नजर आए।

मौसम बदला, लेकिन भक्तों का उत्साह नहीं

माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। ठंडी हवाओं के बीच भी श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ते रहे। कई श्रद्धालु मौसम को देखते हुए हल्के गर्म कपड़े और बरसाती साथ लेकर यात्रा करते दिखाई दिए।

सोमवार शाम पांच बजे तक करीब 18 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर मां वैष्णो देवी भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। देर शाम तक कटड़ा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला भी लगातार जारी रहा। इससे कटड़ा में एक बार फिर माता के भक्तों की आस्था और उत्साह का माहौल नजर आया।

भैरव बाबा के दरबार तक भी पहुंच रहे श्रद्धालु

माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा भैरवनाथ के दर्शन के लिए भी रुख किया। भैरव घाटी तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं ने रोपवे सेवा का लाभ उठाया। मौसम में बदलाव के बावजूद रोपवे के माध्यम से श्रद्धालु लगातार भैरव घाटी की ओर जाते रहे।

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

बदलते मौसम को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रा मार्ग पर विशेष निगरानी रखी गई। आपदा प्रबंधन दल के साथ पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी यात्रा मार्ग पर तैनात रहे।

सुरक्षा टीमें लगातार यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर रखती रहीं और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं की निगरानी करती रहीं। मौसम में बदलाव के बावजूद यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के कर्मचारी सक्रिय रहे।

मौसम की चुनौती पर भारी श्रद्धा

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले समय में बारिश की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने और यात्रा के दौरान मौसम के अनुरूप तैयारी रखने की सलाह दी जा रही है। इसके बावजूद माता के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।

सर्द हवाओं, बादलों और बदलते मौसम के बीच भी कटड़ा से भवन की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं की कतारें यह संदेश दे रही हैं कि माता के दरबार में पहुंचने की श्रद्धा मौसम की हर चुनौती पर भारी है। सोमवार को पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।