मुंबई मंडल में सुरक्षित पेयजल के लिए विशेष अभियान, 85 प्रतिशत से अधिक पानी की टंकियों की सफाई

मुंबई। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्य रेल के मुंबई मंडल ने सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर विशेष अभियान शुरू किया है। गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता और यात्री सुविधाओं से संबंधित कैग रिपोर्ट में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए मुद्दों तथा रेलवे बोर्ड के निर्देशों के बाद यह अभियान चलाया जा रहा है।

20 अगस्त से 28 सितंबर 2026 तक चले विशेष अभियान के दौरान मुंबई मंडल के सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर पेयजल व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया गया। पानी की टंकियों, पाइपलाइनों, हैंडपंप और बोरवेल सहित पेयजल से जुड़ी व्यवस्थाओं को एक समान जांच और रखरखाव व्यवस्था के अंतर्गत लाया गया है।

अभियान के दौरान मंडल में मौजूद कुल 2,913 पानी की टंकियों में से 2,479 टंकियों की सफाई पूरी कर ली गई है। यह कुल टंकियों का 85 प्रतिशत से अधिक है। इनमें प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर, कार्यालय और रेलवे कॉलोनियों में लगी पानी की टंकियां शामिल हैं। शेष 434 टंकियों की सफाई का कार्य जारी है।

निरीक्षण के दौरान 410 टंकियों में कमियां सामने आईं, जिनमें से 409 कमियों को दूर कर दिया गया है। एक टंकी की कमी को दूर करने का काम अभी जारी है। इसके अलावा सभी 1,716 स्थानों पर वेंट और ओवरफ्लो पाइप पर कसकर बंद होने वाले कवर तथा जाली लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है।

पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 26 लीकेज या खराब पाइपलाइनों की पहचान की गई थी और सभी की मरम्मत पूरी कर दी गई है। वहीं, 29 हैंडपंप और बोरवेल स्रोतों की संदूषण एवं सुरक्षा के लिहाज से जांच की गई, जिसमें सभी 29 स्रोत सुरक्षित और ठीक पाए गए।

मंडल में 134 स्थानों पर प्रतिदिन अवशिष्ट मुक्त क्लोरीन की निगरानी की जा रही है। विशेष अभियान के दौरान जांच किए गए सभी 349 पानी के नमूनों में जीवाणु संबंधी संदूषण और ई-कोलाई नहीं पाया गया। रेलवे के अनुसार वर्तमान में यात्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा पेयजल सुरक्षित और पीने योग्य है।

मध्य रेल ने सभी स्टेशनों पर सुरक्षित, स्वच्छ और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने तथा समान पेयजल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।