डिब्रूगढ़ कारखाना में पीओएच क्षमता को मिला विस्तार, सुरक्षा और हरित ऊर्जा पर भी जोर

डिब्रूगढ़ कारखाना में पीओएच क्षमता को मिला विस्तार, सुरक्षा और हरित ऊर्जा पर भी जोर

एलएचबी कोचों के अनुरक्षण से लेकर कर्मचारियों की सुरक्षा तक उठाए गए कई कदम

डिब्रूगढ़। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के तिनसुकिया मंडल स्थित डिब्रूगढ़ कारखाना ने कोच और वैगन के आवधिक अनुरक्षण में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी अनुरक्षण क्षमता को मजबूत किया है। कारखाना में पीरियोडिकल ओवरहॉलिंग (पीओएच) और इंटरमीडिएट ओवरहॉलिंग (आईओएच) के कार्यों के साथ सुरक्षा, गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

डिब्रूगढ़ कारखाना में एलएचबी कोचों के नवीनीकरण और पीओएच क्षमता बढ़ाने के लिए अवसंरचना को भी उन्नत किया जा रहा है। अनुरक्षण के दौरान कोच की बॉडी, अंडरगियर और अन्य महत्वपूर्ण कल-पुर्जों की बारीकी से जांच की जाती है, ताकि उनकी संरचनात्मक मजबूती, सुरक्षा और कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सके। कारखाना में सवारी और माल डिब्बों के आईओएच का कार्य भी किया जा रहा है।

कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष पहल

कार्यस्थल पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए डिब्रूगढ़ कारखाना में लंबे समय तक हॉट-वर्क करने वाले कर्मचारियों को पावर्ड एयर प्यूरीफाइंग रेस्पिरेटर प्रणाली से युक्त दो प्रो-एयर वेल्डिंग हेलमेट उपलब्ध कराए गए हैं। इनका उद्देश्य गर्मी और आग से जुड़े कार्यों के दौरान कर्मचारियों को सांस संबंधी जोखिमों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करना तथा उनके कार्य वातावरण को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाना है।

बेकार सोलर मॉड्यूल से तैयार हो रही हरित ऊर्जा

कारखाना ने पर्यावरण संरक्षण और अक्षय ऊर्जा के उपयोग की दिशा में भी पहल की है। एक अनुपयोगी हो चुके कैंप कोच से निकाले गए सोलर मॉड्यूल को नई कैंटीन भवन की छत पर स्थापित किया गया है। इन सोलर मॉड्यूल से उत्पादित बिजली का उपयोग बैटरी चालित प्लेटफॉर्म ट्रकों को चार्ज करने में किया जा रहा है। इससे अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ कारखाना के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिल रही है।

महाप्रबंधक ने किया कारखाना और स्टेशनों का निरीक्षण

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने हाल ही में डिब्रूगढ़ कारखाना का दौरा कर विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे अनुरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और सवारी तथा माल डिब्बों के पीओएच एवं आईओएच कार्यों का जायजा लिया।

महाप्रबंधक ने अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए सुरक्षा, गुणवत्ता और कार्यक्षमता के उच्च मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने अनुरक्षण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और परिचालन के लिए सुरक्षित एवं फिट रोलिंग स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कारखाना की अवसंरचना में सुधार और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके बाद महाप्रबंधक ने तिनसुकिया मंडल के कई रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया। उन्होंने यात्री सुविधाओं, स्टेशन की अवसंरचना और साफ-सफाई का जायजा लेते हुए यात्री सुविधाओं में लगातार सुधार तथा रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर अनुरक्षण पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान एनएफआर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, तिनसुकिया मंडल के मंडल रेल प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने यह जानकारी दी।