सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए तैयार होगी नई प्रतिभा, गति शक्ति विश्वविद्यालय और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में समझौता

दिल्ली। भारत में तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र के लिए कुशल और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रतिभाएं तैयार करने की दिशा में गति शक्ति विश्वविद्यालय और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों संस्थानों ने विद्यार्थियों और पेशेवरों के कौशल विकास तथा प्रतिभा निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में उभरते सेमीकंडक्टर विनिर्माण तंत्र के लिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़ी तकनीकी और प्रबंधन संबंधी विशेषज्ञता प्रदान करने के साथ उद्योग आधारित प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

समझौते के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साझेदार एलएंडटी एडुटेक और जैकब्स सॉल्यूशंस के साथ बहुपक्षीय सहयोग का ढांचा विकसित किया जाएगा। ये संस्थान गति शक्ति विश्वविद्यालय को संबंधित क्षेत्रों में विशेषज्ञता और विषय विशेषज्ञ उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।

साझेदारी के तहत शैक्षणिक पाठ्यक्रम विकास, संयुक्त प्रमाणन कार्यक्रम और उद्योग केंद्रित कौशल प्रशिक्षण शुरू किए जाएंगे। इनमें सेमीकंडक्टर सुविधा इंजीनियरिंग एवं बुनियादी ढांचा प्रणाली, परियोजना प्रबंधन तथा लॉजिस्टिक्स एवं आपूर्ति श्रृंखला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर फैब के निर्माण और संचालन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी एवं आवश्यक कौशल प्रदान किए जाएंगे।

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगा कुशल मानव संसाधन

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक डॉ. रणधीर ठाकुर ने कहा कि सेमीकंडक्टर फैब दुनिया की सबसे जटिल औद्योगिक सुविधाओं में शामिल हैं। इनके लिए इंजीनियरिंग, निर्माण, बुनियादी ढांचा, परियोजना क्रियान्वयन, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विशेष विशेषज्ञता की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि भारत में वैश्विक स्तर का सेमीकंडक्टर तंत्र विकसित करने के लिए घरेलू स्तर पर कुशल प्रतिभाओं की मजबूत श्रृंखला तैयार करना आवश्यक है।

गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए तकनीक, प्रबंधन और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रतिभा तैयार करना है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ यह साझेदारी उभरते बुनियादी ढांचे और सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्रों में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं शोध कार्यक्रमों का विस्तार करेगी। इससे विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझने और विशेष कौशल हासिल करने के अवसर मिलेंगे।

धोलेरा में बन रहा भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर की पूरी मूल्य श्रृंखला में अपनी क्षमताएं विकसित कर रही है। कंपनी गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब स्थापित कर रही है, जिसमें 11 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना है। यह संयंत्र ऑटोमोबाइल, मोबाइल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एयरोस्पेस, रक्षा सहित विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गति शक्ति विश्वविद्यालय परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में उद्योग आधारित एवं नवाचार केंद्रित शिक्षा पर जोर देता है। विश्वविद्यालय में तकनीक, प्रबंधन और नीति से जुड़े बहुविषयक पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार किया जाता है।

दोनों संस्थानों के बीच यह साझेदारी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ भारत के लिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।