*भाजपा ने खुद खोली अपनी सरकार की पोल, DMF राशि में दुरुपयोग और बंदरबांट की स्वीकारोक्ति*

*भाजपा ने खुद खोली अपनी सरकार की पोल, DMF राशि में दुरुपयोग और बंदरबांट की स्वीकारोक्ति*

बालोद, जिला कांग्रेस कमेटी बालोद ने भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा जिला बालोद द्वारा मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन को भाजपा सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा आरोप पत्र बताया है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के अपने नेता और कार्यकर्ता अब सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहे हैं कि जिला खनिज न्यास निधि (DMF) की राशि का उपयोग जनहित की प्राथमिकताओं के बजाय मनमाने ढंग से किया जा रहा है।

जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के प्रवक्ता श्री मोंटू चंद्राकर ने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि जिले में दर्जनों स्कूल भवनविहीन हैं, अनेक विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं, शिक्षकों की भारी कमी है, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, फिर भी ग्राम खम्हारटोला के प्राथमिक शाला में 5 करोड़ रुपये की लागत से विज्ञान केंद्र निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया। यह स्वयं इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार में DMF निधि का उपयोग वास्तविक जरूरतों के बजाय राजनीतिक और प्रशासनिक बंदरबांट के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाली राशि का उपयोग प्रभावित गांवों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और पेयजल जैसी आवश्यकताओं पर नहीं किया जा रहा है। भाजपा उस समय कांग्रेस के आरोपों को राजनीति बताती थी, लेकिन अब भाजपा के अपने संगठन ने ही सरकार के निर्णयों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि भाजपा को वास्तव में शिक्षा और छात्रों की चिंता है तो उसे केवल ज्ञापनबाजी करने के बजाय यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने अब तक DMF राशि के उपयोग में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई। किन लोगों की अनुशंसा पर करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गईं? जनप्रतिनिधियों, ग्राम सभाओं और स्थानीय समुदाय की राय को क्यों नजरअंदाज किया गया?

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में DMF निधि को सत्ता से जुड़े लोगों के हितों की पूर्ति का माध्यम बना दिया गया है। खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जनता आज भी टूटी सड़कें, जर्जर स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है, जबकि करोड़ों रुपये की राशि खर्च होने के दावे किए जा रहे हैं।

कांग्रेस ने मांग की है कि बालोद जिले में पिछले दो वर्षों में DMF मद से स्वीकृत सभी कार्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा राशि के उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। साथ ही जिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका संदिग्ध है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत अब विपक्ष नहीं, बल्कि भाजपा के अपने नेता और कार्यकर्ता बन चुके हैं। जिस सरकार के लोग ही उसकी नीतियों को जनविरोधी और प्राथमिकताओं के विपरीत बता रहे हों, वह सरकार नैतिक रूप से जनता का विश्वास खो चुकी है।