ऑपरेशन नार्कोस में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 24.935 किलो डोडा चूरा पोस्त बरामद

ऑपरेशन नार्कोस में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 24.935 किलो डोडा चूरा पोस्त बरामद

हिसार-मंडी आदमपुर के बीच ट्रेन में तीन लावारिस बैग मिले, पूछताछ के बाद एक तस्कर गिरफ्तार; बरामद माल की कीमत 3.74 लाख रुपये

हिसार। ट्रेनों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे ?ऑपरेशन नार्कोस? के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ और राजकीय रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम ने ट्रेन में चेकिंग के दौरान 24.935 किलोग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद किया। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 3,74,225 रुपये बताई गई है।

यह कार्रवाई 8 सितंबर 2026 को ट्रेन संख्या 19813 कोटा-सिरसा एक्सप्रेस में की गई। आरपीएफ यात्री सामान चोरी टीम हिसार के प्रभारी उपनिरीक्षक सतपाल सिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल शैलेंद्र, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, कांस्टेबल दीपक सोलंकी और जीआरपी हिसार की एनडीपीएस टीम द्वारा अपराध रोकथाम के लिए संयुक्त चेकिंग की जा रही थी।

सीट के नीचे मिले तीन बैग

हिसार और मंडी आदमपुर रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेन के सामान्य कोच की जांच के दौरान सीट के नीचे तीन लावारिस बैग मिले। इसी दौरान एक यात्री पुलिस टीम को देखकर वहां से जाने का प्रयास करने लगा। संदेह होने पर टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने तीनों बैग अपना होना स्वीकार किया।

मादक पदार्थ होने की आशंका के चलते आरपीएफ और जीआरपी की टीम यात्री तथा बैगों को मंडी आदमपुर स्टेशन लेकर पहुंची। वहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट श्री अंशुमन ठुकराल की मौजूदगी में बैगों की जांच की गई। जांच के दौरान इनमें 24.935 किलोग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ।

एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज

बरामद मादक पदार्थ को विधिवत सील कर जीआरपी ने कब्जे में ले लिया। आरोपी के खिलाफ राजकीय रेलवे पुलिस थाना हिसार में एफआईआर संख्या 94/2026, धारा 15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया।

2026 में 53 मामलों में 35 तस्कर गिरफ्तार

उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार वर्ष 2026 में आरपीएफ द्वारा ?ऑपरेशन नार्कोस? के तहत अब तक 53 मामलों में कार्रवाई की गई है। इस दौरान करीब 5 क्विंटल 18 किलोग्राम अफीम, गांजा, डोडा चूरा और डोडा पोस्त बरामद किया गया, जिसकी कुल कीमत 1 करोड़ 18 लाख 61 हजार 170 रुपये बताई गई है। इन मामलों में 35 तस्करों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी, सिविल पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंपा गया है।

आरपीएफ के अनुसार ट्रेनों में नियमित गश्त, सीसीटीवी निगरानी और संदिग्ध यात्रियों एवं सामान की सघन जांच के कारण यह सफलता मिली है। मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ, जीआरपी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और स्थानीय पुलिस के बीच लगातार समन्वय के साथ कार्रवाई की जा रही है।