खाद्य विभाग की जांच में खुला गंदे तेल का खेल, बार-बार उसी तेल में तले जा रहे थे भटूरे; कई दिन पुरानी दाल मखनी भी मिली

कासगंज। छोले-भटूरे के नाम पर लोगों को क्या परोसा जा रहा था, इसका खुलासा खाद्य विभाग के निरीक्षण में हुआ। प्रतिष्ठान में गंदे और अस्वास्थ्यकर माहौल में लो क्वालिटी के तेल में भटूरे तैयार किए जा रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि भटूरे तलने में इस्तेमाल हो रहे तेल को बार-बार प्रयोग किया जा रहा था। वहीं मौके पर कई दिन पुरानी दाल मखनी भी रखी मिली।

जिलाधिकारी प्रणय सिंह के आदेश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त (खाद्य) कुलदीप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओमबीर सिंह और प्रतिमा त्रिपाठी की टीम ने कार्रवाई की। इसी दौरान जय मां शीतला छोले-भटूरे प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया, जहां खाद्य पदार्थ तैयार करने में गंभीर लापरवाही सामने आई।

निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में गंदगी और अस्वास्थ्यकर स्थिति मिली। लो क्वालिटी के तेल में छोले-भटूरे बनाए जा रहे थे और भटूरे तलने के लिए तेल को बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने मौके से तेल का नमूना और कई दिन पुरानी दाल मखनी का नमूना लिया।

दोनों नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रतिष्ठान में मिली गंदगी को लेकर खाद्य कारोबारी को सुधार सूचना भी जारी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति के बाद खाद्य विभाग ने तलने के लिए इस्तेमाल होने वाले वनस्पति तेल को दो-तीन बार से अधिक प्रयोग न करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।