समदड़ी–पारलू रेलखंड में मॉक ड्रिल, रेलवे ने परखी आपदा राहत और बचाव की तैयारियां

जोधपुर। रेलवे की आपदा राहत एवं बचाव व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जोधपुर मंडल के समदड़ी?पारलू रेलखंड स्थित एलसी-272 नॉन-इंटरलॉक्ड समपार फाटक पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान संभावित रेल दुर्घटना की स्थिति में रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया, राहत संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को व्यावहारिक रूप से परखा गया।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन में आयोजित मॉक ड्रिल में दुर्घटना जैसी स्थिति का कृत्रिम रूप से निर्माण किया गया। इसमें लाइट इंजन के ट्रक से टकराने के बाद पटरी से उतरने और 2-3 लोगों के घायल होने की स्थिति दर्शाई गई।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के राहत एवं बचाव संसाधनों को तत्काल रवाना किया गया। बाड़मेर से स्वचालित राहत एवं बचाव ट्रेन को दोपहर 2:12 बजे सूचना दी गई और 2:35 बजे रवाना किया गया। वहीं, जोधपुर से दुर्घटना राहत ट्रेन एवं दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण को 2:13 बजे सूचना दी गई, जिसके बाद दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण दल 2:33 बजे रवाना हुआ। एंबुलेंस भी 2:35 बजे घटनास्थल पर पहुंची।

सभी विभागों ने मिलकर किया राहत-बचाव का अभ्यास

वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी रामनिवास जाट अपनी टीम के साथ दोपहर करीब 2:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत, चिकित्सा तथा रेलवे सुरक्षा बल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों का अभ्यास किया।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित दुर्घटना के समय रेलवे की त्वरित, प्रभावी और व्यवस्थित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को बेहतर समन्वय के साथ संचालित करने में मदद मिलती है।

मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता, राहत संसाधनों की उपलब्धता तथा घटनास्थल तक पहुंचने में लगे समय का आकलन किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी समीक्षा की गई।

मॉक ड्रिल की घोषणा दोपहर 3:03 बजे की गई। अभ्यास के माध्यम से रेलवे ने अपनी आपदा प्रबंधन और दुर्घटना राहत व्यवस्था की तैयारियों को परखा तथा आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी सजगता और तत्परता का प्रदर्शन किया।