मध्य रेल के कर्मचारियों की सजगता और त्वरित कार्रवाई ने फिर पेश की मानवता की मिसाल

टिकट जांच कर्मचारियों की सतर्कता से लापता नाबालिग बालिका सुरक्षित परिवार से मिली

मध्य रेल के कर्मचारियों की सजगता और त्वरित कार्रवाई ने फिर पेश की मानवता की मिसाल

नागपुर। मध्य रेल के टिकट जांच कर्मचारियों की सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित सूझबूझ से एक लापता नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों से मिलाया गया। कर्मचारियों की तत्परता से बालिका को समय रहते सुरक्षित संरक्षण मिला और परिवार को बड़ी चिंता से राहत मिली।

घटना 25 अगस्त 2026 की है। ट्रेन संख्या 11404 कोल्हापुर?नागपुर एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक एस. जी. पारटे और यात्रा टिकट निरीक्षक ए. जी. धाडसे को पुलगांव स्टेशन के पास मुख्य टिकट निरीक्षक एस. एम. जाधव और एस. पी. देशमुख से सूचना मिली कि अकोला की एक नाबालिग बालिका बिना बताए घर से चली गई है और फोन का भी जवाब नहीं दे रही है।

सूचना मिलते ही टिकट जांच कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए बालिका की तलाश शुरू कर दी। बालिका का फोटो व्हाट्सऐप पर मिलते ही एस. जी. पारटे और ए. जी. धाडसे ने ट्रेन के पीछे वाले सामान्य श्रेणी के कोच में सघन जांच शुरू की। उनकी सतर्कता का परिणाम कुछ ही समय में सामने आया और बालिका उसी कोच में सुरक्षित मिल गई।

बालिका की पहचान की पुष्टि होने के बाद टिकट जांच दल ने तत्काल नागपुर के वाणिज्यिक नियंत्रण कक्ष को सूचना दी और वर्धा स्टेशन पर महिला जीआरपी एवं आरपीएफ कर्मचारियों की तैनाती का अनुरोध किया।

वर्धा स्टेशन पहुंचते ही बालिका को जीआरपी के सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र खंडारे, आरपीएफ कांस्टेबल हेमराज वासनिक एवं उनके सहयोगियों को सुरक्षित सौंप दिया गया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

सतर्कता और टीमवर्क ने बदली तस्वीर

मध्य रेल के टिकट जांच कर्मचारियों की सजगता के साथ जीआरपी और आरपीएफ के समन्वित प्रयासों ने एक बार फिर साबित किया कि रेलवे कर्मचारी केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय संवेदनशीलता के साथ तत्पर रहते हैं।

कर्मचारियों की इस मानवीय पहल से बालिका को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिली। मध्य रेल ने सभी संबंधित कर्मचारियों की सतर्कता, संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और उत्कृष्ट टीमवर्क की सराहना की है।

यह घटना रेलवे कर्मचारियों की जिम्मेदारी, मानवता और यात्री सुरक्षा के प्रति समर्पण की एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आई है।