जिरिबाम-इंफाल नई रेल लाइन परियोजना का महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण

जिरिबाम-इंफाल नई रेल लाइन परियोजना का महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण

अक्टूबर में प्रस्तावित सीआरएस निरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा, सुरंगों और पुलों के निर्माण कार्यों का लिया जायजा

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने प्रतिष्ठित जिरिबाम-इंफाल नई रेल लाइन परियोजना का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिरिबाम-खोंगसांग, खोंगसांग-अवांगखुल और अवांगखुल-इंफाल खंडों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और महत्वपूर्ण रेलवे अवसंरचना की स्थिति का जायजा लिया।

महाप्रबंधक ने यार्ड सहित खोंगसांग-अवांगखुल खंड का निरीक्षण किया तथा अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) निरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने परियोजना की सुरंग संख्या 28 और 12 का भी निरीक्षण किया और सुरंग निर्माण की प्रगति की जानकारी ली।

110.625 किलोमीटर लंबी है परियोजना

जिरिबाम-इंफाल नई रेल लाइन की कुल लंबाई 110.625 किलोमीटर है। कठिन और पहाड़ी भू-भाग से होकर गुजरने वाली यह परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र में क्रियान्वित की जा रही सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। इस रेल लाइन का उद्देश्य मणिपुर की राजधानी इंफाल को देश के रेल नेटवर्क से सीधा रेल संपर्क प्रदान करना है।

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसका विशाल सुरंग नेटवर्क शामिल है। इसमें कुल 54 सुरंगें हैं, जिनकी संयुक्त लंबाई करीब 66.47 किलोमीटर है। चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों में इन सुरंगों का निर्माण रेलवे के लिए महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि माना जा रहा है।

15 बड़े और 116 छोटे पुल

परियोजना के तहत 15 बड़े और 116 छोटे पुलों का भी निर्माण किया जा रहा है। इनमें नोनी स्थित पुल संख्या 164 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसके पियर की ऊंचाई करीब 141 मीटर है। इन पुलों के निर्माण से कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में रेल संपर्क को सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

11 रेलवे स्टेशन होंगे

जिरिबाम-इंफाल नई रेल लाइन पर कुल 11 रेलवे स्टेशन होंगे। इनमें जिरिबाम, वंगाईचुंगपाओ, रानी गाइदिनलिउ, कांबिरोन हॉल्ट, थिंगौ, खोंगसांग, अवांगखुल, नोनी, तुपुल, हाओचोंग रोड हॉल्ट और इंफाल स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी और यात्री तथा माल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।

चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ी परियोजना

परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। जिरिबाम-वंगाईचुंगपाओ खंड फरवरी 2017 में तथा वंगाईचुंगपाओ-खोंगसांग खंड सितंबर 2022 में चालू किया जा चुका है। शेष खंडों को पूरा करने के लिए निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक आशीष बंसल ने अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों के साथ निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य निष्पादन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही परियोजना की प्रगति में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने और निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।

जिरिबाम-इंफाल नई रेल लाइन के पूरा होने से मणिपुर का देश के अन्य हिस्सों से रेल संपर्क और मजबूत होगा। इससे यात्रियों को तेज और विश्वसनीय परिवहन सुविधा मिलने के साथ आवश्यक वस्तुओं और माल की आवाजाही भी सुगम होगी। परियोजना से क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

महाप्रबंधक का यह निरीक्षण पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने की दिशा में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। परियोजना के निर्माण में सुरक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।