झाड़-झंखाड़ के बीच पढ़ने को मजबूर 335 छात्राएं, विद्यालय की सफाई व्यवस्था पर सवाल

आलापुर (अंबेडकरनगर)। विकासखंड जहांगीरगंज के ब्लाक मुख्यालय से सटे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तेंदुआईकला में इन दिनों साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल है। विद्यालय परिसर में कमरों के आसपास घनी झाड़ियां और घास-फूस उग आने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बरसात के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ने से अभिभावक भी चिंतित हैं।
विद्यालय में करीब 335 छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर की स्थिति यह है कि कक्षों के आसपास उगी झाड़ियों के कारण छात्राओं और शिक्षकों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में परेशानी होती है। मुख्य द्वार के आसपास भी घास-फूस और गंदगी पसरी होने की बात सामने आई है।
विद्यालय परिसर में छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास भी बना है, जिसमें करीब 45 छात्राओं के रहने की व्यवस्था बताई गई है। विद्यालय से छात्रावास तक जाने वाले रास्ते के आसपास भी झाड़ियां उगी होने से सुरक्षा संबंधी चिंता बनी हुई है।
दो कर्मचारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल - विद्यालय में सफाई के लिए दो कर्मचारियों की तैनाती बताई गई है। इसके बावजूद परिसर में गंदगी और झाड़-झंखाड़ का अंबार लगा होना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। विद्यालय प्रशासन की ओर से सफाई के लिए धनराशि मिलने की बात कही गई है, लेकिन नियमित सफाई क्यों नहीं हो रही, इस पर स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
विद्यालय की प्रधानाचार्या रेखा ने बताया कि सफाई के लिए धनराशि उपलब्ध होती है। भवन की खिड़कियां और दरवाजे क्षतिग्रस्त होने के संबंध में उन्होंने बताया कि मरम्मत के लिए विभाग से मांग की गई है, लेकिन अभी तक धन उपलब्ध नहीं हुआ है। प्रधानाचार्या के अनुसार वह वर्ष 2013 से विद्यालय में कार्यरत हैं।
जर्जर भवन से भी खतरा - विद्यालय भवन की कई खिड़कियां और दरवाजे टूटे होने की बात सामने आई है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित विद्यालय भवन की देखरेख और मरम्मत समय से न होने पर इसकी स्थिति लगातार खराब होने का आरोप है। अभिभावकों ने विद्यालय परिसर की नियमित सफाई कराने के साथ ही भवन की मरम्मत और छात्राओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
प्रधानाचार्या पर निजी विद्यालयों को धमकाने के आरोप - स्थानीय स्तर पर कुछ निजी विद्यालय संचालकों ने प्रधानाचार्या पर फोन कर दबाव बनाने के आरोप भी लगाए हैं। आरोप है कि उन्हें विद्यालय में बुलाकर बैठक करने और ऐसा न करने पर विभागीय कार्रवाई की धमकी दी जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में प्रधानाचार्या का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है।
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में नियमित साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि बरसात के मौसम में छात्राओं को किसी तरह का खतरा न रहे। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कराकर परिसर की तत्काल सफाई और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है।