एटा: गाय न देने पर एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी, पीड़ित ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार !

*एटा: गाय न देने पर एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी, पीड़ित ने न्याय हेतु एसएसपी से लगाई गुहार।*


गाय नहीं दी तो एससी/एसटी के मुकद्दमा में जेल भिजवा दूंगा।

धमकी से आहत पीड़ित ने एसएसपी एटा से लगाई न्याय की गुहार।�

जलेसर। कोतवाली क्षेत्र के गांव सिमराऊ में एक गर्भवती गाय विवाद का कारण बनी हुई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कानून वेत्ताओं ने जिस एससीएसटी एक्ट को दलित वर्ग की सुरक्षा को बनाया था उसी एक्ट का दुरुपयोग करते हुए अब इसे दूसरे की वस्तु हथियाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने की धमकी से आहत पीड़ित किसान द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ इलामरन जी को प्रार्थना पत्र सौंप मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई गई है

�कोतवाली क्षेत्र के गांव सिमराऊ निवासी पीड़ित नत्थू सिंह पुत्र होडिल सिंह द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार लगभग सात �माह पूर्व गांव के ही हरी सिंह पुत्र लखपति सिंह द्वारा एक गाय को आवारा छोड़ दिया गया था। जिसका पीड़ित किसान नत्थू सिंह पुत्र होडल सिंह द्वारा अपने घर पर रखकर पालन पोषण किया जा रहा है। साथ ही लगातार दाना-पानी खिलाते हुए उसकी देखभाल की जा रही है। अब यह �गाय करीब छह माह की गर्भवती बताई जा रही है। पीड़ित का�
आरोप है कि गांव का ही निवासी विजय सिंह जाटव पुत्र तेजसिंह द्वारा गाय को उससे वापस लेने के लिए अनैतिक रूप से दबाव बनाया जा रहा है। जबकि वह न तो गाय का पूर्व मालिक है और नहीं उसका गाय से कोई लेना देना है। आरोपी द्वारा पूर्व में बेरनी पुलिस चौकी पर शिकायत की गई है । आरोप है कि उक्त झूठी शिकायत को लेकर उसे �पुलिस �द्वारा बुलाया गया था। पुलिस के दरोगा द्वारा गाय नहीं देने पर उसके विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। जबकि गाय के पूर्व मालिक हरीसिंह पुत्र लखपति सिंह भी उसके पक्ष में हैं। बताया गया है कि दोनों ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दीक्षित ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मामले में पुलिस द्वारा की गई प्राथमिक जांच के बाद प्रथम दृष्टया उक्त गाय के पूर्व मालिक हरी सिंह थे। लगभग दो ढाई साल पूर्व गांव के ही विजय सिंह द्वारा अपने बेटे शीलू के इलाज के लिए गौ मूत्र की बाबत हरी सिंह से उक्त बछिया को लिया गया था। करीब चार पांच माह बाद विजय सिंह �ने हरी सिंह को गाय वापस न कर निराश्रित छोड़ दिया गया था। गांव के लोगों ने बताया कि उक्त निराश्रित गाय को सात माह पूर्व पकड़ कर नत्थू सिंह द्वारा निरंतर पालन पोषण किया जा रहा है। जिससे गाय का स्वामित्व नत्थू सिंह एवं हरी सिंह का बनता है। विजय सिंह का गाय पर स्वामित्व �कतई नहीं बनता है। पुलिस �मामले की जांच में जुटी हुई है।


रिपोर्ट: रमेश जादौन एटा।