पीलीभीत में धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर बने हैवान। अमरिया के फर्जी भोले हेल्थ केयर क्लिनिक का कारनामा। नॉर्मल डिलीवरी करने के लिए 20 हजार की आयुर्वेदिक डिग्री प्राप्त डॉक्टर ने की डील

रिपोटर/राजेश गुप्त
थाना अमरिया,पीलीभीत
मो 9719672920

पीलीभीत में धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर बने हैवान।

अमरिया के फर्जी भोले हेल्थ केयर क्लिनिक का कारनामा।

नॉर्मल डिलीवरी करने के लिए 20 हजार की आयुर्वेदिक डिग्री प्राप्त डॉक्टर ने की डील.

डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती महिला की बच्चेदानी निकाली गई,गर्भवती महिला की हालत गंभीर।

क्या प्रशासन इस क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की जांच करेगा?

प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप,फर्जी हेल्थ केयर पर कार्रवाई की मांग।

पीलीभीत के अमरिया से एक दिल दहला देने वाली खबर प्रकाश में आई है जहाँ प्रसव के लिए गई एक 9 माह की गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने का आरोप है। परिवार का कहना है कि एक निजी भोले हेल्थ केयर में लापरवाही हुई और अब महिला जिंदगी और मौत के बीच में जूझ रही है।परिवार ने सीएमओ पीलीभीत और अमरिया थाने में शिकायत पत्र देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम अम्बेडकर नगर निवासी लक्ष्मण की पत्नी कुसुम 9 महीने की गर्भवती थीं। 1 अगस्त को प्रसव का समय होने पर उन्हें अमरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। आरोप है कि वहां मौजूद नर्स ने सामान्य डिलीवरी से मना कर दिया और आशा कार्यकत्री की सलाह पर भोले हेल्थ केयर क्लिनिक पर भेज दिया गया।

भोले हेल्थ केयर क्लिनिक के डॉक्टर लाखन सिंह पर आरोप है की डॉ लाखन सिंह ने 20 हजार रुपये में नार्मल डिलीवरी की बात कही। लगभग 2 घंटे बाद बच्चा हुआ। लेकिन खून नहीं रुक रहा था।आयुर्वेद डिग्री प्राप्त डॉक्टर लाखन सिंह ने कहा सब ठीक है।अपने मरीज की हालत खराब देखकर हम तुरंत पीलीभीत डॉ एसके अग्रवाल के अस्पताल ले आये।

लक्ष्मण का आरोप है कि प्रसव के दौरान बच्चादानी फट जाने से उनकी पत्नी का लगातार खून बहता रहा। आनन-फानन में परिवार एसएस हॉस्पिटल पीलीभीत पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन कर मरीज को ICU में भर्ती किया। 5 यूनिट खून चढ़ाने के बाद 3 अगस्त को मरीज को होश आया और अब जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

सबसे बड़ा आरोप ये है कि "भोले हेल्थ केयर" के बाहर आयुर्वेदिक और एलोपैथिक इलाज का बोर्ड लगा है, लेकिन अंदर न कोई योग्य डॉक्टर है न ही ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरण। परिवार का कहना है कि पूरा अस्पताल लाखन सिंह और उनकी पत्नी ही चला रहे हैं।

लक्ष्मण ने 5 अगस्त को सीएमओ पीलीभीत और थाना अध्यक्ष अमरिया को शिकायती पत्र देकर क्लिनिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी भुवन चंद्र पंत ने जांच टीम गठित कर दी है।