रानीखेत एक्सप्रेस को मिली आधुनिक एलएचबी कोचों की सौगात, 1 अगस्त से यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर

पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस को आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों से संचालित करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था काठगोदाम से 1 अगस्त तथा जैसलमेर से 3 अगस्त 2026 से लागू होगी।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि ट्रेन संख्या 15014/15013 काठगोदाम-जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस तथा 25014/25013 रामनगर-कॉर्बेट पार्क लिंक रानीखेत लिंक एक्सप्रेस में अब पारंपरिक आईसीएफ कोचों के स्थान पर अत्याधुनिक एलएचबी रैक लगाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि रानीखेत एक्सप्रेस पश्चिमी राजस्थान को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जोड़ने वाली प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों में शामिल है। जैसलमेर, पोकरण, रामदेवरा और फलोदी क्षेत्र के यात्रियों के साथ-साथ रामदेवरा आने वाले श्रद्धालु, जैसलमेर पहुंचने वाले पर्यटक, सेना के जवान, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी बड़ी संख्या में इस ट्रेन से सफर करते हैं। पर्यटन सीजन और धार्मिक मेलों के दौरान इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या और अधिक बढ़ जाती है।

एलएचबी कोचों से मिलेगा बेहतर यात्रा अनुभव

रेलवे के अनुसार एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से निर्मित होते हैं और इनमें एंटी-टेलिस्कोपिक डिज़ाइन होने के कारण दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, जिससे यात्रियों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है। बेहतर सस्पेंशन सिस्टम के कारण झटके कम लगते हैं, तेज रफ्तार में भी ट्रेन अधिक स्थिर रहती है और आधुनिक ब्रेकिंग प्रणाली, कम शोर तथा बेहतर राइड क्वालिटी से लंबी दूरी का सफर पहले से अधिक आरामदायक बनता है।

नई एलएचबी रैक में एसी फर्स्ट, एसी टू टियर, एसी थ्री टियर, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच शामिल होंगे, जिससे सभी वर्गों के यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

रेल आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

भारतीय रेलवे चरणबद्ध तरीके से पारंपरिक आईसीएफ कोचों की जगह एलएचबी कोचों का विस्तार कर रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है। रेलवे का मानना है कि एलएचबी कोचों के उपयोग से ट्रेन की समयपालन क्षमता, संचालन गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था में भी सुधार होगा।

रानीखेत एक्सप्रेस में एलएचबी कोचों की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान और उत्तराखंड के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है, जिससे उनकी यात्रा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, सुगम और आरामदायक होगी।