वाल्मीकि नगर में हुआ विश्वकर्मा समाज समिति का गठन,विगत दिनों हरनाताड़ स्थित कौटिल्य छात्रावास में टीचर के पिटाई से मासूम प्रिंस के मौत के मुद्दे पर हुई विशेष चर्चा।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।भारत-नेपाल सीमा को वाल्मीकि नगर स्थित चंदेश्वर महाशिव मंदिर में शनिवार को विश्वकर्मा समाज समिति का गठन किया गया।जिसमें पश्चिमी चंपारण जिले से कई प्रखंड के विश्वकर्मा समाज के लोग मौजूद रहे।समिति के गठन के उपरांत सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद पर बृजेश शर्मा उर्फ लड्डू शर्मा, उपाध्यक्ष वासुदेव शर्मा, सचिव लाल जी शर्मा, उपसचिव राजेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा, संतोष शर्मा, राजू शर्मा, प्रवक्ता मनोज शर्मा,जंगेश शर्मा, प्रेम शर्मा, सलाहकार जितेंद्र शर्मा, दिलीप शर्मा, दुखी शर्मा, मनु शर्मा, राजू शर्मा, कृष्णा शर्मा को मनोनीत किया गया।

मासूम प्रिंस के मौत पर विशेष चर्चा*: समिति के गठन लोहार समाज के उत्थान के उद्देश्य से किया गया है।इस समिति के माध्यम से सदस्यों ने सरकार से लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। साथ ही विगत सप्ताह हारनाटांड स्थित कौटिल्य छात्रावास में 10 वर्षीय मासूम प्रिंस कुमार की मौत टीचर के पिटाई के कारण हुआ है। इस मुद्दे पर विशेष चर्चा करते हुए परिवार को न्याय के लिए समिति के द्वारा संघर्ष किया जाएगा। अध्यक्ष बृजेश शर्मा उर्फ लड्डू शर्मा ने बताया कि बगहा प्रखंड दो के हर्नाटांड में छात्रावास संचालन सुरक्षा नियमों का अनुपालन नहीं करते हैं। पैसे कमाने के व्यवसाय के रूप में भेड़ बकरियों की तरह बच्चों को ठूंस कर रखते हैं। जहां बच्चों के आवासन के लिए बच्चों के मानक के अनुरूप उचित प्रकाश, शुद्ध हवा, कमरे का आकार, अग्निशमन, शौचालय, स्नानागार, स्वच्छता, शुद्ध पेय जल, पौष्टिक भोजन, प्राथमिक चिकित्सा, स्थानीय प्रशासन से वैध लाइसेंस, बच्चों की संख्या के अनुरूप सीढ़ियों की संख्या का निर्धारण, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा गार्ड, योग्य सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था नहीं के बराबर है। जिसके परिणाम स्वरुप दिनांक 10 जुलाई को कौटिल्य छात्रावास हरनाटांड़ थाना लोकरिया में बच्चों की मौत शिक्षक एवं संचालक द्वारा साजिश के तहत अवैध कार्यों को छुपाने के उद्देश्य से हत्या की गई। साथ ही उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी ऐसी घटनाएं हो चुकी है। लेकिन उक्त मामला प्रकाश में नहीं आया। क्योंकि उन छात्रों के अभिभावक सुदूर देहाती क्षेत्र के भोले भाले लोग थे। जिन्हें डरा धमका के मामले को रखा दफा कर दिया गया। जिससे इन अवैध हॉस्टल, स्कूल, कोचिंग एवं छात्रावास का संचालकों का मनोबल बढ़ता गया। तत्कालीन घटना इस लिए प्रकाश में आया है कि छात्र स्थानीय था। इस घटित मामले में लौकरिया थाना में थाना कांड संख्या 130/26 दर्ज किया गया है। लेकिन मामला यह है की कोचिंग संस्था संचालक को आपस में मीटिंग कर इन मामलों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इन मामलों को जिलाधिकारी तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। ताकि परिवार को न्याय मिल सके। इस मौके पर लोहार समाज के सैकड़ो लोग मौजूद रहे।