अमृत भारत स्टेशन योजना से बदली राजनांदगांव रेलवे स्टेशन की तस्वीर, आधुनिक सुविधाओं के साथ दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान

नागपुर। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन का व्यापक कायाकल्प किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के समावेश के साथ स्टेशन को नया और आकर्षक स्वरूप दिया गया है। पुनर्विकसित स्टेशन अब यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति का भी परिचय देगा।

पुनर्विकास के पहले चरण में स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, मॉड्यूलर शौचालय, प्लेटफॉर्म तक सुगम पहुंच, अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई है। यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों हेतु नई पार्किंग बनाई गई है, जबकि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग भी तैयार किए गए हैं।

दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अलग टिकट काउंटर, रैंप और टैक्टाइल पाथवे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए चार आधुनिक एस्केलेटर लगाए गए हैं, जबकि पारंपरिक शैली में निर्मित मुख्य प्रवेश द्वार स्टेशन को नई पहचान प्रदान करता है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्टेशन परिसर में 12 सीसीटीवी कैमरे, 6 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, आधुनिक प्रवेश एवं निकास द्वार तथा बेहतर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्टेशन के दक्षिणी हिस्से का सौंदर्यीकरण, बुकिंग कार्यालय का नवीनीकरण, पुराने गुड्स प्लेटफॉर्म को नए यात्री प्लेटफॉर्म में बदलने और सर्कुलेटिंग एरिया के विस्तार का कार्य भी पूरा किया गया है।

स्टेशन परिसर में विशाल राष्ट्रीय ध्वज और हाईमास्ट लाइटें स्थापित की गई हैं, जिससे रात के समय भी पूरा परिसर रोशनी से जगमग रहेगा। वहीं, स्टेशन भवन के बाहरी हिस्से को स्थानीय स्थापत्य शैली के अनुरूप विकसित किया गया है। आकर्षक भित्ति चित्रों के माध्यम से राजनांदगांव के हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियों और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है।

रेलवे के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के पहले चरण के सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। दूसरे चरण में दो और एस्केलेटर लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है और उनका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

आधुनिक सुविधाओं, उत्कृष्ट यात्री सेवाओं, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के समन्वय के साथ पुनर्विकसित राजनांदगांव रेलवे स्टेशन अब भारतीय रेलवे के यात्री-केंद्रित विकास और आधुनिक सोच का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।