दुनिया में पहली बार चलती ट्रेन में मना अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, वंदे भारत में यात्रियों ने किया योगाभ्यास

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर एक अनोखी और ऐतिहासिक पहल करते हुए दुनिया में पहली बार चलती ट्रेन में योग सत्र आयोजित किया। इस अभिनव कार्यक्रम के तहत चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों को योग से जोड़ा गया।

अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने स्वयं वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने कहा कि रेलवे ने पहले कर्मचारियों और उनके परिवारों को योग से जोड़ने के लिए विभिन्न केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए, वहीं दूसरी अनूठी पहल के तहत आधुनिक ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को भी योग अभियान से जोड़ा गया।

इस दौरान ट्रेनों के ऑडियो सिस्टम के माध्यम से योग गुरुओं के निर्देश प्रसारित किए गए और प्रत्येक कोच में मौजूद वॉलंटियर्स ने यात्रियों को सीट पर बैठे-बैठे सूक्ष्म योग, प्राणायाम, गर्दन, हाथ, कलाई और कंधों के व्यायाम, ओम् उच्चारण तथा ध्यान कराया। यात्रियों ने 10 से 20 मिनट तक उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया।

मुख्य कार्यक्रम साबरमती स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित हुआ, जहां योगगुरु अल्पेश त्रिवेदी और हंषा चाग ने अधिकारियों, कर्मचारियों, आरपीएफ स्टाफ, स्काउट-गाइड और सिविल डिफेंस टीम को योग प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा कांकरिया, गांधीधाम और वीरमगाम सहित कई रेलवे केंद्रों पर भी योग सत्र आयोजित किए गए।

विशेष योग सत्र गांधीनगर-मुंबई, साबरमती-जोधपुर, असारवा-उदयपुर और अहमदाबाद-ओखा वंदे भारत ट्रेनों में आयोजित किए गए।

Yoga for Healthy Ageing थीम के तहत पश्चिम रेलवे ने संदेश दिया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि संतुलित, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की आधारशिला है। यह पहल भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नई और अनोखी मिसाल बन गई।