झूठे मुक़दमों में फँसाने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने वाला संगठित गिरोह क़ानून के शिकंजे

बरेली।पुलिस ने फर्जी मुकदमों के जरिए लोगों पर दबाव बनाकर कथित तौर पर रंगदारी वसूलने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान 25 हजार रुपये के इनामी बर्खास्त सिपाही, उसकी पत्नी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठता था।एक ग्रामीण की शिकायत के बाद खुली गिरोह की परतें भमोरा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। आरोप है कि एक संगठित समूह ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए तीन लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित का कहना है कि रकम देने से मना करने पर आरोपियों ने अभद्रता की और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कुल 11 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचे आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान शुक्रवार सुबह पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सदर नगर पुल के निकट घेराबंदी कर 25 हजार रुपये के इनामी सुरकेश शर्मा, उसकी पत्नी कृतिका शर्मा तथा ओमवीर नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बर्खास्त सिपाही निकला गिरोह का मुख्य चेहरा पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार सुरकेश शर्मा पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। चंदौली जनपद में सेवा के दौरान उसके विरुद्ध गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से निष्कासित कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार उसकी गतिविधियों को लेकर उच्च स्तर तक शिकायतें भी पहुंची थीं। बर्खास्त सिपाही पर गंभीर धाराओं में दर्ज हैं कई मुकदमे पुलिस अभिलेखों के मुताबिक सुरकेश शर्मा के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 18 मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और वर्तमान मामले में भी फरार चल रहा था। महिलाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में जांच के दौरान पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि गिरोह में कई महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल थीं। आरोप है कि महिलाओं की मदद से लोगों पर दबाव बनाकर विभिन्न मामलों में शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं। नामजद 11 आरोपियों में से फिलहाल तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।