एटा: गर्मी में ज़हर बन रहा “शुद्ध पानी”! अवागढ़ क्षेत्र में RO प्लांटो की बड़ी लापरवाही उजागर।

*एटा: गर्मी में ज़हर बन रहा ?शुद्ध पानी?! अवागढ़ क्षेत्र में RO प्लांटों की बड़ी लापरवाही उजागर।*

एटा जनपद के विकासखंड अवागढ़ क्षेत्र में इस भीषण गर्मी के बीच जहां एक ओर भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ?शुद्ध पानी? के नाम पर आम जनता की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। क्षेत्र के मोहनपुर, मंडपुरा, अवागढ़ देहात और कस्बा अवागढ़ में संचालित करीब 8 RO वॉटर प्लांटों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शुद्धिकरण के नाम पर धोखा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश RO प्लांट संचालक निर्धारित मानकों के अनुसार पानी का शुद्धिकरण नहीं कर रहे। दूषित और बदबूदार पानी को ही ?प्योर? बताकर 15 से 20 रुपये प्रति बोतल तक बेचा जा रहा है। कई बार बोतलों में कूड़ा-कचरा, बाल और अन्य गंदगी तक पाई गई है, जिससे लोगों में आक्रोश है।

💧 लाखों लीटर पानी बर्बाद

RO प्लांटों से निकलने वाला वेस्ट पानी बिना किसी प्रबंधन के सीधे नालियों में बहाया जा रहा है। इससे रोजाना लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है और आसपास की गलियों में कीचड़ व गंदगी फैल रही है। जल संरक्षण के इस दौर में यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।

⚡ बिजली चोरी के भी आरोप

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई RO वॉटर संचालक पूरी-पूरी रात अवैध रूप से बिजली चोरी कर प्लांट चलाते हैं और बड़े पैमाने पर पानी का दोहन करते हैं। यह न केवल सरकारी राजस्व की चोरी है, बल्कि जनता के संसाधनों पर दोहरी मार है?एक तरफ पानी की लूट और दूसरी तरफ लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़।

स्वास्थ्य पर खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि दूषित पानी पीने से लोगों में पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। गर्मी के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ जाता है।

शिकायत करने से डरती है जनता

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार गंदगी और खराब पानी की समस्या झेल चुके हैं, लेकिन विवाद और दबाव के डर से खुलकर शिकायत नहीं कर पाते। प्रशासन की उदासीनता भी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है।

प्रशासन मौन क्यों?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार इन RO प्लांटों की नियमित जांच क्यों नहीं हो रही? क्या संबंधित विभाग इस गंभीर मुद्दे से अनजान है या जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है?

मांग उठी?हो सख्त कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी RO प्लांटों की तत्काल जांच कराई जाए, मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।


- (यह मुद्दा सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य, जल संरक्षण और सरकारी संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ा है। समय रहते कार्रवाई जरूरी है।)

Do एटा चमन लाल जी का कहना है कि ऐसे लापरवाह लोगों पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।


रिपोर्ट:रमेश जादौन एटा।