आर.डी.कान्वेंट स्कूल में शिक्षा के प्रति सजगता कार्यक्रम का आयोजन  

आलापुर (अम्बेडकर नगर) | विकास खण्ड जहाँगीरगंज के आर.डी.कान्वेंट स्कूल भभौरा में शनिवार को शिक्षा के प्रति सजगता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कथा वाचक डाॅ. चंद्रांशु जी महाराज अयोध्याधाम,विशिष्ट अतिथि श्यामबाबू गुप्ता प्रान्त प्रमुख विहिप,माॅरीशस में धर्माचार्य आचार्य राकेश पाण्डेय व भायुजमो पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश पाण्डेय रहे। कार्यक्रम का संचालन श्यामबाबू गुप्ता ने किया। तथा कार्यक्रम का शुभारम्भ डाॅ.चंद्रांशु महाराज जी,आचार्य राकेश पाण्डेय,श्यामबाबू गुप्ता,हरिकुमार तिवारी,शिवानन्द तिवारी,प्रधानाचार्य ललित श्रीवास्तव व विद्यालय व्यवस्थापक सूरज पाण्डेय के साथ मिलकर सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर की । इसके बाद बच्चों ने सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कथा वाचक डाॅ. चंद्रांशु जी महाराज ने कहा कि आज भी मुझको याद है कि मैं राष्ट्रीय कथा वाचक बन गया बड़े-बड़े आन्दोलन हुए मुझे जेल भी जाना पड़ा पर उतना डर कभी नहीं लगा पर आज भी जितना डर गुरूजी (अध्यापक) के सामने आने पर डर लगता है।आज भी गुरू के सामने खड़े होने की दम नहीं हो पाई। असाधारण कहने का मतलब प्रलय और निर्माण उसके गोद में पलता है गुरू की जो उपाधि दी गई है वो घड़े से दी गई है जैसे कुम्हार कच्ची मिट्टी को उठाता है और कच्ची मिट्टी को उठाकर घड़े का आकार दे देता है ऐसे आप सब नन्हें-मुन्हें बच्चे को कच्चे मिट्टी की तरह उठाते है । इनको तरास करके डाॅक्टर,इंजीनियर,वैज्ञानिक,प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री,नेता बनते है इसलिए गुरू असाधारण होता है।आपके द्वारा एक दिन गर्व महसूस होगा जब इन्हीं में किंही नन्हें-मुन्हें बच्चों में से उठ करके कोई एक दिन देश की कमान संभालेगा । विशिष्ट अतिथि राकेश पाण्डेय ने कहा शिक्षा के प्रति सजगता एक जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण की आधारशिला है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के विचार, चरित्र और व्यवहार को भी विकसित करती है।वहीं विशिष्ट अतिथि दिनेश पाण्डेय ने कहा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा में गुरु का स्थान अत्यंत ऊँचा माना गया है। गुरु केवल शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं।और श्यामबाबू गुप्ता ने बच्चों से प्रश्न किया कि मोबाइल किसने बनाया है कोई हमारे जैसे व्यक्ति ने बनाया लेकिन मोबाइल फोन का शत् प्रतिशत उपयोग कोई भी व्यक्ति नहीं जानता।कहने का मतलब व्यक्ति में कितनी शक्ति ईश्वर ने दिया जो मोबाइल में इतनी क्षमता डाला है।इस अवसर पर नदी सेना के अध्यक्ष अजित सिंह,प्रबन्धक सुरेशचंद्र पाण्डेय,अमित वर्मा,सुभाषचंद्र तिवारी,शिक्षक देवेंद्र प्रताप शर्मा, विकास तिवारी,शैलेश सिंह,विवेक गोंड,सुजीत शुक्ला,सुमन मिश्रा,निधि उपाध्याय,सृष्टि शर्मा,रोशनी वर्मा,नित्या मिश्रा,अंशू उपाध्याय,खुशी तिवारी,प्रीती शुक्ला,नेहा सहित अभिभावक लोग मौजूद रहे।