गुटखा–पान मसाला की कालाबाजारी, प्रिंट रेट से ऊंचे दाम वसूली

गुटखा?पान मसाला की कालाबाजारी, प्रिंट रेट से ऊंचे दाम वसूली

#हरदोई
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जनपद आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों पान मसाला और गुटखा की कालाबाजारी चरम पर है। बड़े थोक व्यापारियों पर आरोप है कि वे कृत्रिम किल्लत पैदा कर छोटे दुकानदारों और उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है,जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

एक महीने में 50% तक दामों में उछाल

फुटकर विक्रेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले एक महीने में प्रमुख ब्रांडों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

कमला पसंद: 39 पाउच वाला पैकेट पहले 165 रुपये में मिलता था, अब 250 रुपये में बेचा जा रहा है।

राजश्री: 30 पाउच का पैकेट 125 रुपये से बढ़कर 185 रुपये हो गया है।

सिग्नेचर: 54 पाउच वाला पैकेट 220 रुपये से सीधे 320 रुपये तक पहुंच गया है।

किशोर गुटका: पहले 148 रुपये में 68 पाउच मिलते थे, अब 220 रुपये में मात्र 62 पाउच दिए जा रहे हैं।

छोटे दुकानदारों और ग्राहकों पर असर

थोक स्तर पर हुई इस मनमानी बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में महंगे दाम पर माल खरीदना पड़ रहा है, जिससे ग्राहकों से भी अधिक कीमत वसूलनी पड़ रही है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही कालाबाजारी की जानकारी या तो प्रशासन को नहीं है, या फिर विभागीय अधिकारियों की कथित ?मौन सहमति? के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही। नागरिकों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।