172 स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, 1337 कतार में... अमृत भारत योजना ने बदला भारतीय रेलवे का चेहरा

172 स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, 1337 कतार में... अमृत भारत योजना ने बदला भारतीय रेलवे का चेहरा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में कहा कि इसमें टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल समाधान, आधुनिक ट्रैक और स्टेशन पर एक सिटी सेंटर बनाने की योजना भी शामिल है. अब तक इस योजना के तहत 1,337 स्टेशनों को विकास के लिए चिन्हित किया गया है. रेल मंत्री ने बताया कि 2022-2025 के दौरान कुल 8,626 रेलवे ब्रिज की मरम्मत, मजबूती और पुनर्निर्माण किया गया है.

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को लोकसभा में जानकारी दी कि महत्वाकांक्षी ?अमृत भारत स्टेशन योजना? के तहत देश के 172 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा कर लिया गया है. ये स्टेशन अब पहले से ज्यादा हाईटेक, सुविधाजनक और यात्रियों के लिए आरामदायक बन गए हैं. संसद में एक लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि इस योजना का मकसद सिर्फ स्टेशनों को रंग-रोगन करना नहीं, बल्कि उन्हें ?सिटी सेंटर? (City Centre) के रूप में विकसित करना है.

क्या बदला इन स्टेशनों पर?

अमृत भारत योजना के तहत तैयार हुए इन 172 स्टेशनों पर यात्रियों को अब एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी. स्टेशनों पर अब यात्रियों की संख्या के हिसाब से चौड़े फुटओवर ब्रिज (FOB), एस्केलेटर और लिफ्ट लगाए गए हैं. स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ सकें. यहां रूफ प्लाजा, बेहतर वेटिंग हॉल और साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था की गई है. यात्रियों के लिए मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन, सामान बेचने के लिए कियोस्क और हाईटेक पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम लगाया गया है.

लक्ष्य अभी बड़ा है: 1,337 स्टेशनों की बारी

रेल मंत्री ने बताया कि यह तो बस शुरुआत है. अमृत भारत योजना के तहत कुल 1,337 स्टेशनों को विकास के लिए चुना गया है. इन सभी स्टेशनों पर टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल समाधान (Eco-friendly solutions) अपनाए जाएंगे. योजना में यात्रियों की संख्या के अनुसार चौड़े फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर और लिफ्ट, बेहतर पार्किंग क्षेत्र और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है. मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और यात्रियों को सामान बेचने के लिए कियोस्क जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं.

ब्रिज सुरक्षा पर बड़ा अपडेट: 8,626 पुलों की मरम्मत

यात्री सुविधाओं के साथ-साथ रेलवे ने सुरक्षा पर भी पूरा जोर दिया है. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2022 से दिसंबर 2025 के बीच 8,626 रेलवे पुलों की मरम्मत, मजबूती और पुनर्निर्माण का काम पूरा किया गया है. रेलवे पुलों की जांच साल में दो बार की जाती है ? एक बार मानसून से पहले और एक बार मानसून के बाद. चीफ ब्रिज इंजीनियर की सलाह पर कुछ पुलों की जांच इससे ज्यादा बार भी होती है. सब-वे और रोड अंडर ब्रिज (RUB) में पानी भरने की समस्या को कम करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं.