पसगवां कोतवाली के बरवर में नफरत का नंगा नाच, पुलिस और नेताओं की चुप्पी शर्मनाक

पसगवां कोतवाली के बरवर में नफरत का नंगा नाच, पुलिस और नेताओं की चुप्पी शर्मनाक

_✍️डी.डी. शुक्ला_

*बरवर - लखीमपुर (खीरी)* के पसगवां कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बरवर स्थित शिव मंदिर में लगी साईं बाबा की तस्वीर को लेकर कुछ तथाकथित हिंदू संगठन से जुड़े लोगों द्वारा दिया गया घिनौना और अमर्यादित बयान न केवल धार्मिक उन्माद को दर्शाता है, बल्कि कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती भी है।

आरोप है कि इन लोगों ने साईं बाबा की माता के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया?जो सीधा-सीधा धार्मिक भावनाएं भड़काने और समाज में जहर घोलने की कोशिश है।

*अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि?*
🔴 इतने आपत्तिजनक बयान के बावजूद पसगवां पुलिस अब तक मौन क्यों है?
🔴 क्या कानून सिर्फ़ आम जनता के लिए है और नफरत फैलाने वालों के लिए नहीं?
🔴 या फिर ऐसे अराजक तत्वों को स्थानीय नेताओं का खुला संरक्षण प्राप्त है, तभी पुलिस आंखें मूंदे बैठी है?

यह कोई पहली घटना नहीं है। बार-बार देखा जा रहा है कि धार्मिक उन्माद फैलाने वाले लोग खुलेआम ज़हर उगलते हैं और पुलिस तमाशबीन बनी रहती है। सवाल उठता है कि

👉 क्या प्रशासन किसी बड़े दंगे का इंतज़ार कर रहा है?
👉 क्या हिंदू-मुस्लिम तनाव भड़काना किसी सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है?

यदि आम आदमी एक शब्द भी कह दे तो तुरंत धाराएं लग जाती हैं, लेकिन यहां धर्म के नाम पर गाली-गलौज और नफरत पर भी कोई कार्रवाई नहीं?

यह पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा सवालिया निशान है।

प्रशासन को समझना होगा कि संविधान किसी एक धर्म या संगठन का नहीं, पूरे देश का है।

अगर समय रहते दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन और संरक्षण देने वाले नेता पूरी तरह जिम्मेदार माने जाएंगे।

अब चुप्पी नहीं,
कार्रवाई चाहिए?और वो भी तुरंत।