शिव पार्वती की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाये    

आलापुर ( अम्बेडकर नगर ) | तहसील क्षेत्र के नसीरपुर छितौना में स्थित माँ भुजहिया माता के स्थल पर श्री शतचण्डी महायज्ञ एवं विराट सन्त सम्मेलन के सातवें दिन कथा व्यास श्री बालक दास जी महाराज अयोध्या धाम ने भगवान शिव-पार्वती के विवाह का मनोहारी वर्णन किया। इस दौरान शिव-पार्वती की झांकी भी दिखाई गई।
कथा में श्री बालक दास जी महाराज ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उनकी शादी की चिंता सताने लगी। माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बारात लेकर पहुंचे तो उसे देखकर पर्वतराज और उनके परिजन चौंक गए, लेकिन माता पार्वती ने खुशी से भोलेनाथ को पति के रूप में स्वीकार कर लिया। विवाह प्रसंग के दौरान शिव-पार्वती की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाए।इस मौके पर यज्ञाचार्य पण्डित कामता नाथ शुक्ल,आचार्य पंडित ओंकारनाथ शुक्ल,आचार्य रामकृष्ण शुक्ल,मन्दिर पुजारी कामता प्रसाद शुक्ल,प्रमोद पाण्डेय,रामप्रकाश शुक्ल,बब्लू पाण्डेय,प्रदीप सिंह,राम प्रीत प्रजापति,चंचल दूबे,ओम प्रकाश शुक्ल,अष्टभुजा शुक्ल,आदित्य पाण्डेय,विशाल पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।