यूजीसी कानून एवं शंकराचार्य को लेकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दिया।

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा; UGC नियमों पर जताई नाराजगी, प्रशासनिक हलके में मचा हड़कंप।

बरेली सिटी मजिस्ट्रेट एवं 2019 बैच के पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य मामले एवं UGC के नए नियमों के विरोध में पद से दिया इस्तीफा...

अग्निहोत्री ने लिखा... ब्राह्मण बटुक शिष्यों की चोटी पकड़ कर मारपीट पर इस्तीफा दे रहा हूं..!! अपने बोर्ड पर नाम काट लिखा रिजाइन .......

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने UGC Regulations 2026 और प्रयागराज माघ मेले में हुई हालिया घटनाओं को अपने त्यागपत्र का मुख्य कारण बताया है।

"पद और प्रतिष्ठा से ऊपर स्वधर्म और स्वाभिमान: मेरा इस्तीफा"
आज भारी मन से नहीं, बल्कि एक दृढ़ संकल्प के साथ मैं, अलंकार अग्निहोत्री (सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली), अपने पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। यह निर्णय व्यक्तिगत लाभ या हानि का नहीं, बल्कि समाज के प्रति मेरी जवाबदेही और अंतरात्मा की आवाज है।
इस्तीफे के मुख्य कारण जो हर नागरिक को जानने चाहिए:प्रयागराज माघ मेले की पावन धरती पर जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। ज्योतिष्मठ के शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के बटुक शिष्यों की चोटी (शिखा) पकड़कर प्रशासन द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई। जिस समाज में संतों की शिखा को छुआ नहीं जाता, वहां उन्हें घसीटा गया। क्या यह प्रशासन अब ब्राह्मणों के नरसंहार की मूक सहमति दे रहा है? प्रदेश में पिछले छह महीनों से ब्राह्मणों के घरों पर बुलडोजर चलना और जेलों में उनकी संदिग्ध हत्याएं होना अब एक भयावह पैटर्न बन चुका है।