बगैर किसी बोर्ड या रजिस्ट्रेशन के नंबर नहीं होने पर भी संचालित हो रहा है सहसवान चार नंबर पर अस्पताल* स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से चल रहे हैं ‘मौत के सौदागर’ अस्पताल

*स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से चल रहे हैं ?मौत के सौदागर? अस्पताल*

*बगैर किसी बोर्ड या रजिस्ट्रेशन के नंबर नहीं होने पर भी संचालित हो रहा है सहसवान चार नंबर पर अस्पताल*

*लाइसेंस बगैर इलाज, झोला छाप डॉक्टरों का खेल ? विभाग की आंखों पर पड़ा है लाभ का पट्टा*

सहसवान (बदायूं): क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने अवैध अस्पताल संचालकों को ?कानूनी सुरक्षा कवच? दे रखा है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिना रजिस्ट्रेशन और बिना योग्य डॉक्टरों के अस्पताल खुलेआम चल रहे हैं ? जहां मरीजों की ज़िंदगी को खेल बना दिया गया है।

इन अस्पतालों के बाहर नामी डॉक्टरों के झूठे होर्डिंग्स और डिग्रियों के पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे आम लोगों को भ्रमित कर इलाज के नाम पर भारी रकम वसूली की जाती है। जबकि हकीकत यह है कि जिन डॉक्टरों के नाम से यह खेल खेला जा रहा है, उनका क्षेत्र से कोई बास्ता और सरोकार तक नहीं है।

क्षेत्र में कई अस्पतालों में फर्जी ऑपरेशन थिएटर बनाकर अलीगढ़ या बदायूं से डॉक्टरों को कुछ हजार रुपये में बुलाकर ऑपरेशन कराए जाते हैं। ऑपरेशन में गड़बड़ी होने पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है यानी जान से ज्यादा सस्ता यहां इलाज है।

सूत्रों के अनुसार, इन अस्पतालों की जड़ें सीधे स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों तक जाती हैं। विभाग के अधिकारी इन अवैध क्लीनिकों से कथित तौर पर ?महीनेदारी? वसूलते हैं, और बदले में आंखें मूंदे रहते हैं। जब कभी कार्रवाई की चर्चा होती है, तो सिर्फ औपचारिक नोटिस थमा दिए जाते हैं जो बाद में कूड़ेदान की शोभा बढ़ाते हैं।

सहसवान नगर का चौकी नम्बर 4 पर बना नीलम नाम से अवैध हॉस्पिटल चल रहा है

एसीएमओ और स्थानीय स्वास्थ्य महकमा पहुचंने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्यवाही नही की गई

बता दे नीलम हॉस्पिटल आय दिन प्रसूताओं की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रहा है एक माह पूर्व इसी हॉस्पिटल में ग्राम गडोलिया पट्टी तासौल की प्रसूता की हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते मौत हो गयी।