* नवरात्र कन्यापूजन से पहले कन्यादान सर्वोत्तम - राजगुरु *

दिल्ली 22 सितम्बर:~नवरात्रि में कन्या पूजन से पहले कन्यादान महादान सर्वोत्तम मां भगवती के करोड़ों यज्ञ के बराबर फल देता है यह विचार स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज द्वारा एक कन्या का विवाह करते हुए श्री राजमाता झंडा वाला मंदिर गोरख पार्क शाहदरा में आए हुए भक्तों को मार्गदर्शन दिया गया।

सदगुरु राजदरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज के सान्निध्य में नवरात्र शक्ति साधना से पहले कन्यादान महादान रूप में एक अभावग्रस्त परिवार की कन्या चांदनी का विवाह मिथुन गुप्ता से कराया गया।सर्वप्रथम दूल्हा दुल्हन ने एक दूसरे को जयमाला डालते हुए स्वीकार किया।सनातन संस्कृति द्वारा सप्तपदी पढ़ते हुए फेरे सम्पन्न हुए। वर वधु दोनों पक्षों के अतिथियों के लिए श्री राजमाता जी अन्नक्षेत्र द्वारा सुंदर भोजन व्यवस्था की गई थी।विदाई कराते हुए नवदंपती को घरेलू उपयोग की वस्तुएं बर्तन, आभूषण, गैस चूल्हा एवं अन्य सामान उपहार स्वरूप भेंट किए गए।

इस विवाह के अवसर पर विशेष रूप से मोहनजी फाउंडेशन के चेयरमैन ब्रह्मर्षि मोहनजी जिनके यूरोप डेनमार्क,स्कॉटलैंड,दक्षिणी अफ्रीका आदि में अनेक देशों में आश्रम हैं जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड में है उन्होंने वर वधु को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कन्यादान महादान रूपी महायज्ञ में भाग लेते हुए कहा कि मैं स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज द्वारा किए गए सेवाकार्यों से बहुत प्रभावित हुआ क्योंकि सही मायने में यही धर्म है।दया करुणा ही धर्म के मूल है इनके बिना धर्म का कोई मायने नहीं। ब्रह्मर्षि मोहनजी द्वारा स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज को सेवा, सत्संग के लिए यूरोप पधारने का आमंत्रण दिया गया।

इस अवसर पर स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज ने कहा कि "अगले कुछ दिनों में मां भगवती शक्ति की साधना आराधना के नवरात्र आ रहे है जिनमें कन्यापूजन का विशेष महत्व माना जाता है।कन्यापूजन का सही मायने यही है कि इन कन्याओं में ही शक्ति का दर्शन करते हुए कन्याओं की सुरक्षा, सम्मान ओर कन्यादान महादान रूपी महायज्ञ ही शक्ति की साधना का विशेष महत्व माना जाता हैं।

राम राज वोहरा, भागचंद माहेश्वरी, सरला तिवारी द्वारा महर्षि मोहनजी के साथ आए विदेशी मूल के लोगों का अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया गया।

राम वोहरा 9212315006