हेरिटेज को बेच रहे हैं निगम के कारिंदे! चौड़ा रास्ता में मकान नं. 354 पर चार मंजिला अवैध इमारत, उपायुक्त को बना रहे हैं बेवकूफ*

*हेरिटेज को बेच रहे हैं निगम के कारिंदे! चौड़ा रास्ता में मकान नं. 354 पर चार मंजिला अवैध इमारत, उपायुक्त को बना रहे हैं बेवकूफ*

 

*गोपाल गुप्ता, जयपुर।*

 

जयपुर नगर निगम हेरिटेज में विजिलेंस और जोन की मिलीभगत का खेल अब खुलकर सामने आ गया है। जहाँ एक तरफ आम आदमी को अपने मकान में एक ईंट लगाने के लिए भी नगर निगम के चक्कर काटने पड़ते हैं, वहीं हेरिटेज क्षेत्र के दिल कहे जाने वाले चौड़ा रास्ता में पाली वालों की गली में तारकेश्वर महादेव मंदिर के ठीक सामने मकान नंबर 354 पर चार मंजिला अवैध इमारत धड़ल्ले से खड़ी की जा रही है।

 

आरोप है कि बिना किसी स्वीकृत नक्शे के बन रही इस इमारत पर नगर निगम की बिल्डिंग शाखा ने आज तक सीज की एक कील तक नहीं लगाई है। मौके पर तीन मंजिल तक लाल ईंटों की चिनाई का काम पूरा हो चुका है और चौथी मंजिल पर सरियों के कॉलम और बीम डालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। हेरिटेज बायलॉज के अनुसार हेरिटेज क्षेत्र में नक्शा पास कराए बिना रंग तक नहीं करवाया जा सकता, ऐसे में संकरी गली के बीच इतना विशाल निर्माण बिना निगम की शह के असंभव है।

 

*उपायुक्त को किया जा रहा है गुमराह*

 

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि किशनपोल जोन की बिल्डिंग शाखा के कर्मचारी जानबूझकर जोन उपायुक्त निहारिका शर्मा को अंधेरे में रख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक उपायुक्त महोदया को मौके की हकीकत से रूबरू नहीं कराया जा रहा है। फाइलों में सबकुछ ओके दिखाकर इस अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी जोन के कारिंदे मौके पर आते हैं, चाय-पानी कर चले जाते हैं और रिपोर्ट में "काम बंद" लिख दिया जाता है, जबकि पीछे से निर्माण लगातार जारी रहता है।

 

*विजिलेंस की भूमिका पर सवाल*

 

इस पूरे प्रकरण ने नगर निगम की विजिलेंस शाखा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजिलेंस का काम ही अवैध निर्माणों पर निगरानी रखना है, लेकिन 354 नंबर जैसे मुख्य सड़क के अवैध निर्माण पर उसकी आंखें बंद हैं। जब आम आदमी मरम्मत कराता है तो उसी दिन नोटिस और अगले दिन सीज की कार्रवाई हो जाती है, लेकिन यहां महीनों से चल रहे निर्माण पर मेहरबानी यह साफ इशारा करती है कि इसके पीछे मोटे लेन-देन का खेल चल रहा है।

 

अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद नगर निगम आयुक्त हरकत में आते हैं और इस अवैध इमारत को सीज करते हैं, या फिर विजिलेंस और किशनपोल जोन की मिलीभगत से जयपुर के हेरिटेज को इसी तरह बर्बाद होने दिया जाएगा।