साबरमती में रेल परियोजनाओं को मिली बड़ी सौगात, पहली एलएनजी ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

अहमदाबाद। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को साबरमती में भारतीय रेलवे की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और शुभारंभ किया। इस दौरान भारत की पहली एलएनजी संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार साबरमती डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव अनुरक्षण शेड राष्ट्र को समर्पित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान साबरमती साणंद जखवाड़ा तथा साबरमती कलोल भांडू मोटीदाऊ रेलखंड पर 122.57 किलोमीटर में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा अहमदाबाद पालनपुर और अहमदाबाद सामाखियाली रेलखंड पर कुल 404 किलोमीटर में स्वदेशी कवच प्रणाली तथा साबरमती?सरखेज रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि साबरमती में शुरू की गई परियोजनाएं रेल सुरक्षा, माल ढुलाई, परिचालन क्षमता, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि साबरमती स्टेशन से मेट्रो रेल, राज्य परिवहन बस स्टैंड और भविष्य की तीव्र गति वाली रेल सेवाओं तक कनेक्टिविटी उपलब्ध हो रही है।

700 करोड़ की लागत से तैयार हुआ डब्ल्यूएजी-12 अनुरक्षण शेड

केंद्रीय मंत्री ने साबरमती में 700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित अत्याधुनिक डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव अनुरक्षण शेड का लोकार्पण किया। डब्ल्यूएजी-12 उच्च क्षमता वाला विद्युत माल लोकोमोटिव है, जिसकी ट्विन-सेक्शन क्षमता 12,000 अश्वशक्ति है। इसकी उच्च क्षमता से लंबी और भारी मालगाड़ियों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि पहले भारी मालगाड़ियों के संचालन के लिए दो लोकोमोटिव की आवश्यकता होती थी, जबकि डब्ल्यूएजी-12 जैसे उच्च क्षमता वाले इंजन से माल परिवहन की दक्षता बढ़ेगी। इससे गुजरात सहित देश के औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

पहली एलएनजी ट्रेन से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

भारत की पहली एलएनजी संचालित ट्रेन की शुरुआत को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एलएनजी आधारित रेल परिवहन से ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने और रेलवे को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने भारतीय रेलवे में आधुनिकीकरण और नई तकनीकों के उपयोग का उल्लेख करते हुए डेडिकेटेड माल गलियारा, तीव्र गति वाली रेल प्रणाली, आधुनिक रेलवे स्टेशन, नई पीढ़ी की रेल सेवाओं, हाइड्रोजन ट्रेन, जैव शौचालय, एलएचबी कोच और स्वदेशी लोकोमोटिव निर्माण जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।

रेलवे विद्युतीकरण में तेजी, डीजल की खपत में कमी

अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2010-11 में जहां एक वर्ष में करीब 75 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया जाता था, वहीं वर्ष 2023-24 में करीब 7,188 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के करीब 99.6 प्रतिशत नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है।

उन्होंने कहा कि रेलवे में डीजल की खपत भी लगातार कम हुई है। वर्ष 2015-16 में करीब 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती थी, जो वर्ष 2024-25 में घटकर लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई। वर्ष 2030 तक रेलवे में डीजल की खपत शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है।

404 किलोमीटर रेलखंड पर लगेगा कवच

अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि कवच भारत में विकसित स्वदेशी स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली है। अहमदाबाद मंडल में करीब 411 करोड़ रुपये की लागत से कुल 404 किलोमीटर रेलखंड पर कवच प्रणाली का कार्य किया जा रहा है। इसमें अहमदाबाद?पालनपुर का 157 किलोमीटर और अहमदाबाद?सामाखियाली का 247 किलोमीटर रेलखंड शामिल है।

उन्होंने कहा कि साबरमती साणंद जखवाड़ा तथा साबरमती कलोल भांडू मोटीदाऊ रेलखंड पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू होने से ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए रेलखंड की क्षमता बढ़ेगी और अधिक ट्रेनों का सुरक्षित एवं सुचारु संचालन संभव होगा।

साबरमती?सरखेज रेलखंड के दोहरीकरण को भी क्षेत्र की बढ़ती यात्री और माल परिवहन आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। इससे अहमदाबाद क्षेत्र के रेल नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

गुजरात के रेल बजट में बड़ा इजाफा

अमित शाह ने गुजरात में रेलवे के बढ़ते निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले के पांच वर्षों में गुजरात के लिए रेलवे बजट करीब 589 करोड़ रुपये था, जबकि वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 17,366 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई रेल लाइन, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, आधुनिक सिग्नलिंग, माल परिवहन और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किया जा रहा है।

मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि भारतीय रेल परिवर्तन और नवाचार के नए दौर में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित वंदे भारत ट्रेनें, नमो भारत ट्रेनें और हाइड्रोजन ट्रेन जैसी नई तकनीकें रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने भारत की पहली एलएनजी संचालित ट्रेन के शुभारंभ और साबरमती में डब्ल्यूएजी-12 अनुरक्षण शेड के लोकार्पण को अहम उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, राज्य मंत्री दर्शनाबेन वाघेला, सांसद हसमुखभाई पटेल, महापौर हितेशभाई बारोट, विधायकगण तथा रेलवे के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।