वैष्णो देवी कटड़ा स्टेशन पर मिलेगी प्रीमियम खानपान सुविधा, बीकानेरवाला को मिला 5 साल का जिम्मा

वैष्णो देवी कटड़ा स्टेशन पर मिलेगी प्रीमियम खानपान सुविधा, बीकानेरवाला को मिला 5 साल का जिम्मा

कटड़ा स्टेशन पर प्रीमियम कैटरिंग यूनिट शुरू

जम्मू। मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब स्टेशन पर ही प्रीमियम खानपान सुविधा मिलेगी। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने कटड़ा रेलवे स्टेशन पर अपनी पहली प्रीमियम खानपान इकाई आवंटित की है। इसके संचालन की जिम्मेदारी प्रतिष्ठित खानपान ब्रांड बीकानेरवाला को 5 साल के लिए सौंपी गई है।

इस पहल के साथ जम्मू मंडल ने अपनी पहली प्रीमियम खानपान इकाई आवंटित करने की उपलब्धि हासिल की है। साथ ही, उत्तर रेलवे में खानपान श्रेणी के अंतर्गत प्रीमियम कैटरिंग स्टॉल आवंटित करने वाला जम्मू मंडल पहला मंडल बन गया है।

100 से अधिक व्यंजनों का मिलेगा विकल्प

इस नई सुविधा से कटड़ा स्टेशन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और रेल यात्रियों को शुद्ध शाकाहारी और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। स्टॉल पर उत्तर भारतीय थाली, दक्षिण भारतीय व्यंजन, चाट-पकौड़ी, बर्गर, सैंडविच, पेस्ट्री और बीकानेरवाला की प्रसिद्ध मिठाइयों सहित 100 से अधिक व्यंजनों के विकल्प मिलेंगे। इससे यात्रियों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन और नाश्ता चुनने की सुविधा मिलेगी।

रेलवे की इस पहल का उद्देश्य स्टेशन पर खानपान की गुणवत्ता, स्वच्छता और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है। विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं को अब रेलवे स्टेशन पर ही बेहतर खानपान सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जम्मू, उधमपुर समेत अन्य स्टेशनों पर भी बढ़ेंगी सुविधाएं

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि जम्मू मंडल का उद्देश्य केवल ट्रेनों का संचालन करना नहीं, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छता और बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से बीकानेरवाला जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड को जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जम्मू, उधमपुर और अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह की प्रीमियम यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है। रेलवे ने यात्रियों से नई सुविधा का लाभ उठाने और अपने सुझाव रेल मदद ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 पर साझा करने की अपील की है।