बिल्सी के बाबा इंटरनेशनल स्कूल में किया गया रावण दहन

बाबा इंटरनेशनल स्कूल में किया गया रावण दहन

बिल्सी। को बाबा इंटरनेशनल स्कूल में बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही विद्यार्थियों में काफी उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली। जब विद्यार्थी श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, रावण, कुंभकरण एवं मेघनाद की वेशभूषा में विद्यालय पहुँचे, तो सभी का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो गया। ?जय श्रीराम? के जयघोष से विद्यालय परिसर गूँज उठा।

विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी पोशाकों में सजकर रामायण के विभिन्न प्रसंगों का सुंदर मंचन किया। भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे विद्यार्थी ने प्रभावशाली संवादों और शानदार अभिनय से सभी का मन मोह लिया। इसके पश्चात श्रीराम द्वारा रावण वध का मंचन किया गया और रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतले के जलते ही पटाखों की आवाज से पूरा वातावरण गूँज उठा। रावण दहन का दृश्य देखकर विद्यार्थी रोमांचित हो उठे।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक अनुज वार्ष्णेय,राजकुमार गुप्ता व विद्यालय निदेशिका साधना वार्ष्णेय ने विद्यार्थियों को दशहरा पर्व का महत्व समझाया। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दशहरा अथवा विजयादशमी हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। यह हर्ष, उल्लास और विजय का पर्व है। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। वहीं, देवी दुर्गा ने नौ रात्रियों और दस दिनों तक चले युद्ध के बाद महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। यह पर्व असत्य पर सत्य तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। दशहरा शक्ति और भक्ति के समन्वय का प्रतीक भी है, जिसे देशभर में विभिन्न परंपराओं और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रूपा माहेश्वरी ने कहा कि रावण दहन केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमें अपने भीतर की बुराइयों को त्यागकर सत्य, सदाचार और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने तथा जीवन में सत्य और धर्म के मार्ग को अपनाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर विद्यालय प्रशासक अमित माहेश्वरी सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।