पुत्रों की दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत

आलापुर (अंबेडकर नगर)। पुत्रों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए माताओं ने शनिवार को श्रद्धा और आस्था के साथ जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) रखा। महिलाओं ने निर्जला उपवास कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। व्रत को लेकर क्षेत्र में महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।

जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर महिलाओं ने एक दिन पहले शुक्रवार से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। महिलाओं ने पूजा-पाठ की सामग्री, फल-फूल और अन्य आवश्यक सामान की खरीदारी की। शनिवार को सुबह से ही ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्रती महिलाओं की चहल-पहल देखने को मिली।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माताएं अपने पुत्रों की लंबी आयु और स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना से यह कठिन व्रत रखती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं करीब 24 घंटे तक निर्जला उपवास करती हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। इस दौरान भगवान शिव-पार्वती सहित जीवित्पुत्रिका व्रत से जुड़े देवी-देवताओं का पूजन किया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मंगल गीतों और धार्मिक गीतों के बीच महिलाओं ने पूजा स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। कई स्थानों पर महिलाएं गाजे-बाजे के साथ भी पूजा स्थलों तक पहुंचीं। बाजारों में पूजा सामग्री, फल-फूल एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए भी महिलाओं की भीड़ रही।

व्रती महिलाएं रविवार सुबह विधि-विधान से पारण कर व्रत पूर्ण करेंगी। देवरिया बाजार, समडीह, कलेश्वर मंदिर कल्यानपुर, अकथरी माता मंदिर अकथरा नरायनपुर, सहाबुद्दीनपुर समेत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जीवित्पुत्रिका व्रत श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया।