जम्मू मंडल ने 1049.4 मीट्रिक टन रेल स्क्रैप की ई-नीलामी से बनाया नया रिकॉर्ड, बढ़ेगा रेलवे का राजस्व

जम्मू। भारतीय रेलवे के ?शून्य स्क्रैप मिशन? को गति देते हुए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने स्क्रैप सामग्री के पारदर्शी और आधुनिक निपटान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जम्मू मंडल में 11 सितंबर को आयोजित पहली ई-नीलामी में 1049.4 मीट्रिक टन पी-वे (रेल) स्क्रैप की सफल बिक्री की गई। जम्मू मंडल के गठन के बाद स्क्रैप निपटान के क्षेत्र में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

स्क्रैप की ई-नीलामी की पूरी प्रक्रिया रेलवे के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। इससे अनुपयोगी पड़ी रेल सामग्री का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होने के साथ रेलवे को गैर-किराया राजस्व भी प्राप्त होगा।

यात्री सुविधाओं और विकास कार्यों में होगा राजस्व का उपयोग

रेलवे के अनुसार स्क्रैप की बिक्री से प्राप्त राजस्व का उपयोग यात्री सुविधाओं, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है। पुरानी रेल पटरियों, वाहनों और अन्य लोहे के स्क्रैप को पुनर्चक्रण के लिए भेजे जाने से नए संसाधनों की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारी मात्रा में जमा स्क्रैप को हटाने से रेलवे के डिपो, यार्ड और स्टेशनों में अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी। इससे स्वच्छता के साथ-साथ कार्यस्थलों की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।

देशभर के पात्र बोलीदाता ले सकेंगे हिस्सा

ई-नीलामी की खासियत यह है कि देश के किसी भी हिस्से से पात्र व्यक्ति, व्यापारी, एमएसएमई उद्यमी, स्क्रैप डीलर और पुनर्चक्रण उद्योग से जुड़े लोग ऑनलाइन बोली में शामिल हो सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण मानवीय हस्तक्षेप कम होता है और सभी पात्र बोलीदाताओं को समान अवसर मिलता है।

17, 22 और 28 सितंबर को अगली ई-नीलामी

जम्मू मंडल ने आगामी ई-नीलामी के लिए 17 सितंबर, 22 सितंबर और 28 सितंबर 2026 की तारीखें निर्धारित की हैं। इनमें पी-वे रेल स्क्रैप, वाहन स्क्रैप, पुरानी अनुपयोगी मशीनरी, कार्यालय फर्नीचर सहित रेलवे नियमों के तहत निपटान योग्य अन्य सामग्री शामिल होगी।

इच्छुक बोलीदाता आईआरईपीएस ई-नीलामी बिक्री पोर्टल पर पंजीकरण कर प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। रेलवे की ओर से स्क्रैप निपटान की यह ई-नीलामी प्रक्रिया आगे भी नियमित रूप से जारी रखने की योजना है।