केंद्रीय चिकित्सालय में पहली बार बिना टांके आंत जोड़ने की जटिल सर्जरी सफल आधुनिक सर्कुलर स्टेपलर तकनीक से 31 वर्षीय महिला को मिली राहत, सामान्य मार्ग से हुआ मल त्याग

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय, प्रयागराज ने चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार आधुनिक सर्कुलर स्टेपलर तकनीक के माध्यम से बिना पारंपरिक टांके लगाए आंतों को जोड़ने की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस अत्याधुनिक प्रक्रिया से 31 वर्षीय मरीज ममता मौर्या को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिली है।

24 अगस्त 2026 को करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन में एंड-टू-एंड कोलोरेक्टल एनास्टोमोसिस किया गया। मरीज पिछले तीन महीनों से पेट के रास्ते मल त्याग करने के लिए मजबूर थीं। सर्जरी के बाद आंत की निरंतरता सफलतापूर्वक बहाल की गई और 27 अगस्त को मरीज ने सामान्य मार्ग से सफलतापूर्वक मल त्याग किया। वर्तमान में उनकी हालत पूरी तरह स्थिर बताई गई है और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।

इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं ऑनरेरी विजिटिंग कंसल्टेंट सर्जन डॉ. शबी अहमद तथा केंद्रीय चिकित्सालय के वरिष्ठ रेलवे सर्जन डॉ. संजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया।

सर्जिकल टीम में हाउस सर्जन डॉ. सौरभ कुमार मौर्य, वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट डॉ. आलोक कुमार यादव, मुख्य नर्सिंग अधीक्षक मंजू सोनकर, वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक हरीश कुमार शर्मा, नर्सिंग अधीक्षक अंशिका, ड्रेसर आरती प्रसाद तथा चिकित्सा सहायकों अमित शुक्ला, मनमोहन, मूलचंद, श्रीमती रेखा और राजेंद्र तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चिकित्सा निदेशक डॉ. संजीव कुमार हंडू और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र नाथ ने पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से रेलवे लाभार्थियों को केंद्रीय चिकित्सालय में ही अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा। इससे बाहरी अस्पतालों में रेफर किए जाने की आवश्यकता कम होगी, रेलवे के चिकित्सा खर्च में बचत होगी और अस्पताल की उन्नत सर्जिकल सेवाओं का और विस्तार होगा।

केंद्रीय चिकित्सालय की यह उपलब्धि रेलवे लाभार्थियों को बेहतर, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।