उत्तर रेलवे में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने की पहल, कर्षण विद्युत नियंत्रकों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

उत्तर रेलवे में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने की पहल, कर्षण विद्युत नियंत्रकों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

6 मंडलों के अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए गाजियाबाद में शुरू हुआ क्षमता निर्माण कार्यक्रम

उत्तर रेलवे ने ट्रेनों के सुरक्षित और विश्वसनीय परिचालन को मजबूत बनाने के लिए कर्षण विद्युत नियंत्रकों (टीपीसी) का विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है। रेलवे के विद्युत विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने की क्षमता विकसित करना है।

इस कार्यक्रम का पहला 3 दिवसीय प्रशिक्षण सत्र 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक गाजियाबाद स्थित विद्युत प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। नवंबर 2026 के अंत तक कुल 6 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने हैं। इनके माध्यम से उत्तर रेलवे के सभी 6 मंडलों जम्मू, फिरोजपुर, अंबाला, दिल्ली, मुरादाबाद और लखनऊ के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले सत्र में सभी 6 मंडलों से 14 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को विद्युत आपूर्ति की निगरानी, नियंत्रण, तकनीकी प्रणालियों के संचालन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही दिल्ली मंडल में नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली (स्काडा), रेलवे नियंत्रण केंद्र और चाणक्यपुरी स्थित 25 हजार वोल्ट के कर्षण विद्युत उपकेंद्र का व्यावहारिक भ्रमण भी कराया गया।

कार्यक्रम के पहले दिन कर्षण विद्युत नियंत्रकों की जिम्मेदारियों, स्काडा प्रणाली, विद्युत उपकेंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और मैदानी कर्मचारियों के साथ समन्वय से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे दिन स्काडा प्रशिक्षण सिम्युलेटर के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न परिचालन परिस्थितियों और आपातकालीन स्थितियों में कार्रवाई का अभ्यास कराया गया। तीसरे दिन चाणक्यपुरी स्थित कर्षण विद्युत उपकेंद्र में उपकरणों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों की जानकारी का आकलन किया गया। साथ ही उनसे सुझाव लेकर प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

उत्तर रेलवे की इस पहल से कर्षण विद्युत नियंत्रकों की कार्यक्षमता बढ़ाने, तकनीकी समस्याओं के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित करने और विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की स्थिति में प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य विद्युत चालित ट्रेनों का परिचालन अधिक सुरक्षित, सुचारु और भरोसेमंद बनाना है।

हिमांशु शेखर उपाध्याय मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे