आग की घटना के बाद डीआरएम ने सियालदह स्टेशन और बीआर सिंह अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था परखी

आग की घटना के बाद डीआरएम ने सियालदह स्टेशन और बीआर सिंह अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था परखी

निकासी मार्ग, अग्निशमन उपकरण और वाटर हाइड्रेंट सिस्टम का किया निरीक्षण; सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश

कोलकाता। सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने पिछले दिन हुई आग की घटना के मद्देनजर गुरुवार को सियालदह रेलवे स्टेशन और बीआर सिंह अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटना की जानकारी लेने के साथ आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया और अग्निशमन व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया।

सियालदह स्टेशन अत्यधिक भीड़भाड़ वाला प्रमुख रेलवे केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। इसे देखते हुए डीआरएम ने स्टेशन पर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपातकालीन निकासी मार्गों, निकास द्वारों और सुरक्षित निकासी व्यवस्था की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान वाटर हाइड्रेंट सिस्टम, अग्निशमन उपकरणों और अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की कार्यप्रणाली भी जांची गई। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन प्रणालियां हर समय तत्काल उपयोग के लिए तैयार रहें।

अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा पर विशेष जोर

बीआर सिंह अस्पताल में डीआरएम ने विशेष रूप से मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन निकासी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने आपात स्थिति में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से लोगों को बाहर निकालने की तैयारियों की जानकारी ली।

डीआरएम राजीव सक्सेना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था केवल घटना के बाद प्रतिक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि आग जैसी घटनाओं की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने अग्निशमन उपकरणों और विद्युत प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, ज्वलनशील वस्तुओं को ले जाने से रोकने के लिए सुरक्षा जांच मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी तथा सभी सुरक्षा उपकरणों के समयबद्ध रखरखाव के निर्देश दिए।

डीआरएम ने कहा कि सियालदह मंडल में यात्रियों, मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नियमित सुरक्षा समीक्षा का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।