अनावश्यक चेन पुलिंग करने वालों पर आरपीएफ की सख्ती, अगस्त में 155 मामले दर्ज

अनावश्यक चेन पुलिंग करने वालों पर आरपीएफ की सख्ती, अगस्त में 155 मामले दर्ज

117 लोगों की गिरफ्तारी, 24,900 रुपये जुर्माना वसूला; यात्रियों से आपात स्थिति में ही अलार्म चेन खींचने की अपील

फिरोजपुर। ट्रेनों में अनावश्यक रूप से अलार्म चेन खींचकर परिचालन बाधित करने वाले यात्रियों के खिलाफ फिरोजपुर मंडल ने सख्त कार्रवाई की है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अगस्त माह में रेल अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत 155 मामले दर्ज कर 117 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों से 24,900 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।

भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराता है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक रेल कोच में अलार्म चेन की व्यवस्था की गई है, जिसका इस्तेमाल केवल वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में किया जाना चाहिए।

चेन पुलिंग से प्रभावित होता है रेल परिचालन

रेलवे के अनुसार बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने से ट्रेन अनावश्यक रूप से रुक जाती है। इससे ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होने के साथ ही हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा रेल परिचालन में व्यवधान के कारण रेलवे को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

रेल अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित और पर्याप्त कारण के अलार्म चेन खींचना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर जुर्माना, कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है।

स्टेशनों और ट्रेनों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

फिरोजपुर मंडल की ओर से यात्रियों को अलार्म चेन के सही इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। यात्रियों को बताया जा रहा है कि चेन का इस्तेमाल केवल बीमारी, दुर्घटना या अन्य वास्तविक आपात स्थिति में ही किया जाए।

फिरोजपुर मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक चेन पुलिंग से बचें और रेल सेवाओं के सुचारु संचालन में सहयोग करें। मंडल ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित करना रेलवे की प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।