बरेली इन्वेस्टर्स समिट16000 करोड़ के एमओयू पर हुए साइन अब बरेली के औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम

बरेली उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अनुक्रम में आज बरेली के आईएमए सभागार में ' बरेली इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ स्वयं औद्योगिक विकास मंत्री उत्तर प्रदेश नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने बरेली के गणमान्य सांसदों एवं विधायकों की उपस्थिति में मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया। इस इन्वेस्टर्स समिट में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती, सेंटर फॉर यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया इन्वेस्टर्स समिट में प्रशासनिक अनुमान(13000) से भी बढ़कर लगभग 16000 करोड़ से अधिक के एमओयू पर निवेशकों के द्वारा हस्ताक्षर किए गए। जिसके फलस्वरूप बरेली में फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म, टेक्सटाइल, वायु फ्यूल, इलेक्ट्रिकल व्हीकल, डेयरी उद्योग मांझा उद्योग विका फर्नीचर उद्योग, जैविक कृषि, एमएसईएम जैसे क्षेत्रों में निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। जिसके लिए 500 से भी अधिक निवेशकों ने एमओयू पर हस्ताक्षर करके न केवल बरेली के औद्योगिक विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई अपितु उनके इस भारी-भरकम निवेश से बरेली में रोजगार की रचनात्मकता में भी बढ़ोतरी की संभावनाएं भी बलवती हुई है, जो धरातल पर उतरते ही बरेली के औद्योगिक विकास को एक नया आयाम प्रदान करेगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने सभी निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उनके रहते व्यापारियों और निवेशकों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने समारोह में कहा कि मैं आपके लिए सदैव एक अच्छी वकील की भूमिका में रहूंगा। राज्य स्तर या जिला प्रशासन के स्तर पर यदि कोई समस्या आपके समक्ष आती है। तो आप हमें बेझिझक बताएं, उसका तुरंत ही निराकरण कराया जाएगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल पर भी समारोह में कई कटाक्ष किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश मैं जब से योगी सरकार आई है तब से गुंडाराज खत्म हो गया है। यही कारण है कि निवेशक अब उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सुरक्षित जगह मानने लगे हैं, और इसी के परिणामस्वरूप ही पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेशक अपने निवेश के माध्यम से यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए आज उत्तर प्रदेश देश में दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का भी उन्होंने उदाहरण पेश करते हुए कहा कि जहां अभी कुछ दिन पहले स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाकर वहां के पूंजीपतियों, उद्योगपतियों और फिल्मकारों से वार्ता की थी। और उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश हेतु प्रोत्साहित किया था। जिसमें उन्हें आशातीत सफलता भी मिली, जहां सभी निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश की अपनी आकांक्षाओं को प्रकट किया था।इस समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री उ.प्र. डॉ. अरुण कुमार ने भी निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उद्योगों को लगाने में किसी भी प्रकार की एनओसी कि यदि आवश्यकता होती है तो वह निवेशकों को इसके लिए क्लीयरेंस जरूर दिलाएंगे। बरेली के माननीय सांसद संतोष गंगवार ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली की रबड़ फैक्ट्री की भूमि को अवमुक्त कराने के लिए प्रत्यनशील हैं और जल्द ही वह भूमि भी हमें मिल जाएगी। जिससे बरेली का औद्योगिक विकास और भी अधिक रचनात्मकता और सुदृढ़ता से हो सकेगा। इन सभी 16000 करोड़ के एमओयू के फलस्वरुप बरेली में 40 से 50 हजार के लगभग रोजगार के सृजन की संभावना है, जो स्मार्ट सिटी की भव्यता में और भी अधिक चार चांद लगाएगा। वास्तव में बरेली इंवेस्टर्स समिट की सफलता में कमिश्नर संयुक्ता समद्दार और बरेली के डीएम शिवाकांत द्विवेदी की भूमिका भी अग्रणी रही, जिनके निर्देशन में ही बरेली में इतने बड़े निवेश की परिकल्पना साकार हो सकी।इन्वेस्टर्स समिट समारोह में बरेली के सांसद संतोष गंगवार, एवम् आवंला से सांसद धर्मेद्र कश्यप, शहर विधायक व वन एवम् पर्यावरण मंत्री उ.प्र. डॉ. अरुण कुमार, एवं पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, एम. एल. सी. कुंवर महाराज सिंह, विधायक संजीव अग्रवाल, डा. राघवेंद्र शर्मा, डा.एम.पी. आर्या, डा. डी. सी. वर्मा, डा. श्याम बिहारी लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, आई आई ए के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, बरेली सीडीओ जग प्रवेश, सहित अन्य गणमान्य लोग एवं इंडस्ट्री के पदाधिकारीगण, एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।