अपनी मातृभाषा हिंदी को ना भूले लोग:महेश शर्मा

बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन।

विश्व हिंदी दिवस के मौके पर जिले में जगह-जगह विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, इसमें सभी को ज्यादा से ज्यादा संवाद हिंदी में करने पर बल दिया गया। प्रमुख समाज सेवी महेश शर्मा ने कहा कि विश्व में हिंदी की स्वीकृति बढ़ रही है। एक भारतीय होने के नाते हम सभी को ज्यादा से ज्यादा संवाद हिंदी में ही करना चाहिए। सभी को हिंदी साहित्य पढ़ना चाहिए और अपनी मातृभाषा को बिल्कुल भी नहीं भूलना चाहिए। कहा कि हिंदी हमारे व्यक्तित्व का परिचायक है। संवाद का सशक्त माध्यम हिन्दी ही है। स्वामी विवेकानन्द ने शिकागो की धर्म सभा मे भारतीय सभ्यता के दर्शन से सम्पूर्ण जगत को अवगत कराया था, जिससे हिन्दी भाषा को बल मिला। भारत का जन मानस हिंदी में ही चिंतन करता है, परन्तु पश्चिमी प्रभाव के कारण हम अपनी भाषा को भूल जाते है। हिंदी भाषा स्वयं को विश्व में स्थापित करेगी, ऐसा उन्हें विश्वास है। उन्होंने सभी को हिन्दी भाषा को अपनी जीवनचर्या में अपनाने पर बल दिया।