छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में कैबिनेट हुई समाप्त* 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक जो हुई आज 24 नवंबर 2022 को यह बैठक समाप्त हो गई है...

इस बैठक में 1 दिसंबर और 2 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में जो विधेयक सरकार लाने जा रही है उसके प्रारूप पर गंभीर रूप से चर्चा हुई और उसका अनुमोदन किया गया इसके बिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में एक विशेष याचिका दायर की गई है जिसकी सुनवाई भी 1 दिसंबर 2022 को है उस पर भी चर्चा की गई...
सरकार एक विधेयक के साथ ही एक संकल्प पत्र भी लाने का मन बना चुकी है जैसा कि सूत्र बता रहे हैं उसमें केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि आरक्षण नीति को लेकर छत्तीसगढ़ को नवी अनुसूची में शामिल किया जाए इस संकल्प को भी सर्वसम्मति से पास करवाने का प्रयास किया जाएगा...
कांकेर जिले के भानूप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव में आदिवासी आरक्षण को लेकर कांग्रेस सरकार के आदिवासी मंत्रियों और आदिवासी विधायकों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है कैबिनेट के बाद इस पर भी आपस में चर्चा की गई और 2 दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र समाप्त होने के बाद सूत्र यह बता रहे हैं 3 दिसंबर चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है पूरी कांग्रेस सरकार और कांग्रेस के कद्दावर नेता और आदिवासी विधायक भानूप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव जाकर आदिवासियों के हित में आरक्षण सरकार के द्वारा दिए जाने के प्रस्ताव पास विधानसभा से किए गए उसकी जानकारी देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती सावित्री मंडावी को विजई बनाने की अपील करेंगे 3 दिसंबर को संध्या 5:00 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जावेगा...?
विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि भानूप्रतापपुर को जिला बनाने की घोषणा अभी संभव नहीं है क्योंकि अंतागढ़ और भानूप्रतापपुर को लेकर विवाद की स्थिति हैं इस पर बाद में विचार किया जा सकता है इस को ध्यान में रखते हुए प्रचार पर विशेष ध्यान दिया जाए..?