भानुप्रतापपुर उपचुनाव* *परिणाम किसकी झोली में* *नेता या दल नहीं बल्कि मतदाता रुपी वक्त करेगा भविष्य

कांकेर :कांकेर जिले का भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव में रंग तेजी से बढ़ता घटता जा रहा है..

*चुनौतियां बरकरार है*
भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में जो प्रमाणिक जानकारी निकल कर बाहर आ रही है, वह कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण है, कांग्रेस के तीन मंत्री पूरे विधानसभा क्षेत्र में तूफानी दौरा/प्रचार कर रहे हैं,, कांग्रेस के आदिवासी विधायक भी तूफानी दौरे पर हैं?। लेकिन उन सभी को आदिवासियों का विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है...
*उच्च न्यायालय का आदेश*
19 सितंबर 2022 को उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा जिस व्यक्ति के याचिका पर आदिवासियों का आरक्षण 32% से घटकर 20% रह गया, उसी व्यक्ति को कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाकर आदिवासियों के घाव पर नमक छिड़का है...
*मंत्री से बहसबाजी और उनका शपथ*
आज 23 नवंबर को आबकारी मंत्री कवासी लखमा को लगभग प्रत्येक गांव में आदिवासियों का विरोध का सामना करना पड़ा है, आखिर में उन्हें शपथ लेनी पड़ी कि 1 दिसंबर और 2 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आमंत्रित किया गया है, आदिवासियों को हर हालत में 32% आरक्षण दिलवाया जाएगा,, आप धैर्य बनाकर रखें,, अगर मैं आपको आरक्षण नहीं मिला पाया तो मैं मंत्री पद से त्यागपत्र दे दूंगा...
*सर्व आदिवासी समाज की अपील*
सर्व आदिवासी समाज के नेता पूरे विधानसभा में घूम-घूम कर आदिवासियों की बैठक ले रहे हैं और उन्हें शपथ दिला रहे हैं की सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी अकबर राम कोराम को को ही अपना वोट देकर विजय बनाना है वीडियो का अवलोकन करें...
*मानसिक रुप से तैयार नहीं भाजपा*
भाजपा अभी मानसिक रूप से शायद चुनाव के लिए तैयार नहीं हो पाया, भाजपा का जिला संगठन लगभग निष्क्रिय है, भाजपा के प्रत्याशी ब्रह्मानंद ने कार्यशैली पर लगे झूठे आरोप को लेकर प्रदेश भाजपा के नेता और कांकेर जिला के नेता अग्रेसिव हैं और पुलिस थाना में झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम पर कार्यवाही करने का आवेदन भी दे रहे हैं लेकिन उसमें जिला कमेटी के लगभग अधिकांश नेता नदारद नजर आ रहे हैं...
*केबिनेट बैठक*
कल 24 नवंबर को भूपेश बघेल सरकार की कैबिनेट की बैठक है उस पर यह गंभीर मंथन किया जाएगा और सूत्र यह बता रहे हैं कि विधानसभा के सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा जिसमें आदिवासियों को 32% आरक्षण अनुसूचित जाति को 16% आरक्षण पिछड़ा वर्ग को 27% का आरक्षण ईडब्ल्यूएस के लोगों को 10% आरक्षण देने के बारे में निर्णय हो सकता है...
*भूपेश सरकार का संकल्प*
सूत्र यह भी बता रहे हैं छत्तीसगढ़ की सरकार एक संकल्प विधानसभा के सत्र में ला सकती हैं जिसमें आरक्षण प्रणाली को लेकर छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार नवीं अनुसूची में शामिल करें जिससे आरक्षण के मामले में स्थिति स्पष्ट हो सके...
*गेम कोर्ट*
यह दो प्रस्ताव विधानसभा में सर्वसम्मति से अगर पास होते हैं तो आरक्षण का मामला केंद्र के पाले में चला जावेगा...
*भाजपाई पक्ष*
22 नवंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई थी, उसमें विधानसभा के विशेष सत्र में आरक्षण के मामले को लेकर पार्टी अग्रेसिव रूप धारण करते हुए भाजपा का पक्ष रखेगी...
*नये जिले का दांव*
अंतिम दांव भी कांग्रेस सरकार खेल सकती है वर्षों से पुरानी भानुप्रतापपुर को जिला बनाने की पेंडिंग मांग को स्वीकार करते हुए अगर कांग्रेस प्रत्याशी यहां से विजई होता है तो कांग्रेस सरकार भानुप्रतापपुर को जिला बना देगी...

कांग्रेस सरकार ऐसा ही वादा खैरागढ़ विधानसभा के उपचुनाव में किया था जिसे उसने पूरा किया...
*आदिवासी नेताओं का पासा*
अब देखना यह है कि आदिवासी मंत्री और आदिवासी विधायकों ने अपनी बात भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के मामले में हाईकमान के पास पहुंचा दीजिए और जो परेशानी हो रही है उससे भी अवगत करा दिया गया है कल कैबिनेट के बाद भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भी रणनीति पर गंभीर मंत्रणा होगी और रणनीति तय की जाएगी..
*भाजपा केबिनेट मीटिंग के बाद मैदान में*
छत्तीसगढ़ भाजपा की 25 नवंबर के बाद भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव में ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और जनता को भाजपा को विजय बनाने के लिए ब्रह्मानंद नेताम को कमल छाप में वोट देकर विजई बनाने की अपील करेगी...
*अंतिम प्रस्ताव का इंतजार*
अब हमें इंतजार इस बात का करना होगा कि कैबिनेट में क्या प्रस्ताव पास होता है और चुनावी रणनीति पर कौन सी चाल चली जायेगी और भाजपा का क्या रूख रहेगा।
*फिलहाल सर्व आदिवासी समाज पावरफुल*
सर्व आदिवासी समाज ताकत के साथ मैदान में हैं यह नजर आ रहा है... परिणाम क्या होगा, समय तय करेगा?
✒️ *बालमुकुंद शर्मा : रायपुर/कांकेर*