ब्लाइंड मर्डर केस का 36 घण्टे के अन्दर हुआ अनावरण, लूट के इरादे से बुजुर्ग महिला की घर मे घुसकर हत्या करने वाले 02 हत्यारोपी आलाकत्ल सहित गिरफ्तार

राकेश कुमार

रायबरेली।अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही के तहत जनपद में मंगलवार को थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम द्वारा थाना कोतवाली नगर ब्लाइंड मर्डर से संबंधित साक्ष्य संकलन के क्रम में प्रकाश में आये रामराज पाल पुत्र शीतलदीन निवासी कप्तान का पुरवा थाना कोतवाली नगर रायबरेली,संदीप पुत्र रामसुमेर निवासी बेलाटिकई थाना भदोखर जनपद रायबरेली को थानाक्षेत्र के मामा तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तगण के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है ।

बताते चले कि दिनांक 19 नवम्बर 2022 को समय करीब 6.45 बजे थाना कोतावाली नगर क्षेत्रान्तर्गत इन्दिरा नगर निवासी स्नेह कुमारी शुक्ला पत्नी स्व0 विरेन्द्र शंकर शुक्ला उम्र करीब 65 वर्ष की हत्या होने की सूचना भाई सोमप्रकाश के द्वारा कोतवाली नगर पुलिस को दी गयी थी। प्राप्त सूचना पर तत्काल उच्चाधिकारीगण द्वारा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर,फॉरेंसिक टीम,पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया था। घटना का खुलासा करने के लिए 05 टीमों का गठन किया गया था।प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर परमामला पंजीकृत कर कार्यवाही की प्रारम्भ की गयी और गहनता से सभी पहलुओं पर जांच की जा रही थी। ह्युमन एण्ड टेकनिकल इंटेलीजेंस की सहायता से घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।फिलहाल अभी भी एक अभियुक्त विकास पुत्र रामराज पाल निवासी कप्तान का पुरवा फरार है।पुलिस अधीक्षक रायबरेली द्वारा घटना को 36 घण्टे के अन्दर अनावरण करने पर एसओजी,सर्विलांस कोतवाली नगर पुलिस टीम को 25000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है।

पूछताछ में आरोपियों का कबूलनामा

पुलिस द्वारा कडाई से पूछताछ करने पर गिरफ्तार अभियुक्त संदीप द्वारा बताया गया कि दिनांक 19 नवम्बर 2022 को रामराज और लड़के विकास के साथ MIG-87 इन्दिरा नगर थाना कोतवाली नगर रायबरेली स्नेह कुमारी शुक्ला के यहां गार्डन की घास काटने के लिये गये थे और सुबह 10.00 बजे से 1.30 बजे तक घास काटने के बाद मै और विकास अपनी मजदूरी लेकर कप्तान का पुरवा चले गये और उसके 01 घण्टे बाद रामराज भी वापस आ गये।रामराज पहले से ही स्नेह कुमारी शुक्ला को जानते थे उनके यहां मजदूरी करने आया-जाया करते थे।रामराज ने मुझे और विकास को बताया कि स्नेह कुमारी शुक्ला के पास बहुत पैसा है और अकेले रहती है यदि इन्हे मार दिया जाये तो अच्छा खासा धन मिल सकता है।इसी बात को मैने और विकास ने अपने दिमाग मे रखकर लूट की योजना बनाई और शाम 4.00 बजे मै और विकास घर से निकल कर शराब के ठेके पर आये और शराब पिया तथा सीसीटीवी कैमरे मे रिकार्ड न हो इसके लिये बचते बचाते बीरबल के अस्पताल के पीछे झांडियों से छिपते हुये रस्तोगी के खण्डहर की बाउन्डरी फांद कर स्नेह कुमारी शुक्ला के घर मे घुसे और उनका दरवाजा खटखटाया।स्नेह कुमारी शुक्ला हमें पहले से जानती पहचानती थी इसलिये उन्होने दरवाजा खोल दिया और जैसे ही स्नेह कुमारी शुक्ला ने दरवाजा खोला तो विकास ने स्नेह कुमारी का मुंह अपने हथेली मे जोर से दबा लिया और हम दोनों मिलकर उन्हे घसीटते हुये किचन तक ले गये, वहां नीचे जमीन पर लिटा दिया। मैने स्नेह कुमारी शुक्ला के हाथ को पकड़ रखा था और पास मे ही रखे चाकू से विकास ने स्नेह कुमारी शुक्ला की गर्दन काट दी जब खून निकलने लगा और वह बेहोश हो गयी तो हम दोनों ने घर मे रखे बक्से और अलमारी को खंगाला तो बक्से से केवल 6000रुपये मिले तथा एक मोबाइल मिला जो विकास ने अपने पास रख लिया था।किसी को शक ना हो, इसलिये हम लोगों ने घर का सारा सामान बिखरा दिया ताकि लोगों को लगे की कोई चोरी करने घर मे घुसा था। इसके बाद हम लोग जिस रास्ते से घर मे घुसे थे उसी रास्ते से वापस चले गये, जो रुपये वहां से मिले थे उन्हे हम लोगों ने आपस मे बांट लिया जिसमें मुझे 2000,विकास को 3000और रामराज को 1000रुपये मिला था और वह मोबाइल विकास ने अपने पास रखा हुआ है ।