बहू का समर्थन करने की बात मौलाना को पसंद नहीं आई,चाचा को भतीजे से मिले अपमान व रूसवाई की याद दिलाई,बोले:दूध मे मक्खी की तरह निकाल कर फिर फेंक देंने भतीजा सांई

बरेली मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव मे सपा उम्मीदवार डिंपल यादव का प्रसपा नेता शिवपाल द्वारा समर्थन करना बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी को पसंद नहीं आया है।उन्होंने शिवपाल यादव को अखिलेश द्वारा पिछले 5 बर्षों के दौरान मिले अपमान और रूसवाई की याद दिलाते हुए कहा है कि शिवपाल यूपी के कद्दावर नेता हैं और वो मुलायम सिंह के दौर से ही अपने भाई के कामों को आगे बढ़ाने के साथ उनकी मंशा और मर्जी के मुताबिक काम करते रहे हैं।लेकिन शिवपाल का अपने भतीजे अखिलेश से विभिन्न मसलों पर पिछले कई सालो से इख्तिलाफ चल रहा है।मौलाना ने प्रेस को जारी बयान मे कहा है मुलायम और शिवपाल को मुलसमान अपना हितैषी मानते हैं लेकिन अखिलेश यादव मुसलमानों के हमदर्द नहीं हैं।मौलाना ने समाजवादी पार्टी और उसके सुप्रीमो अखिलेश पर अपने चाचा शिवपाल के अपमान आऱोप लगाते हुए मैनपुरी से सपा उम्मीदवार डिंपल यादव के लिए समर्थन न करने की शिवपाल से अपील की है।उन्होंने शिवपाल को मशवरा देते हुए अपने समर्थकों को इस समय अलग रास्ता अख्तियार कर इस चुनाव मे अपनी बेइज्जती का बदला लेने की बात की है।मौलाना का कहना है कि यह वक्त सही है कि शिवपाल अपनी ताकत व कुव्वत का मुज़ाहिरा करते,उन्होंने बहुत बड़ी सियासी गलती की है, इस गलती का खामियाजा उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव मे भुगतना पड़ेगा।जब शिवपाल अपने लोगों के लिए अखिलेश से टिकट मांगेंगे और अखिलेश उन्हें सिर्फ एक टिकट का झुनझुना थमायेंगे।मौलाना ने कहा कि मुसलमान अखिलेश के बजाय शिवपाल को अधिक पसंद करता है,सपा की सरकार के दौरान यूपी का मुसलमान अपनी समस्याओं को लेकर अखिलेश के बजाय शिवपाल के पास जाना ज्यादा पसंद करता था और शिवपाल उनकी समस्याओं का समाधान भी करते थे।मौलाना ने अखिलेश यादव पर मुसलमानों से दूरी बनाने और बचने का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों नेताओं के खास व विश्वावासपात्र लोगों की सूची पर गौर करें तो यह वाजेह तौर पर देखने को मिल जायेगा कि चाचा-भतीजे मे कौन मुसलमानों के करीब है।उन्होंने शिवपाल से डिंपल के समर्थन के निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है