!!!बैको का जुगाड़!!!ग्राहकों का कबाड़!!

⏰रामनगर💥बैंकों का जुगाड़,ग्राहकों का कबाड़👆🏿रामनगर बन रहा चोरों व जेबकतरों की राजधानी,खबर के अनुसार आज पुनः इंडियन बैंक से ग्राहक का पार हुआ लाख रुपया,बैंक के अंदर से ही घटना को अंजाम, रद्दी सीसीटीव्ही कैमरे की अस्पष्ट तस्वीर ,क्षेत्रीय पुलिस मार रही हाँथ पांव,जैसा कि आदर्श ग्राम रामनगर ,बनाम नगर परिषद परिक्षेत्र जो कि चोरों व जेबकतरों से त्रस्त है, जिससे यँहा के गोमतियो वाले छोटे व्यापारी,रहवासी व आम जनता ज्यादा परेशान है,इंडियन बैंक की शाखा जिंसमे लाखों,करोड़ो का व्यवसाय रामनगर में जिस भवन पर संचालित है वँहा,पर ग्राहकों को सुविधाओ के नाम पर ठनठन गोपाल ही है,जिसके चलते कभी कभी,मुख्य सड़क तक लाइन पहुच जाती है,अंदर के हालात तो क्या कहने,एक दूसरे के शरीर से चिपक कर आम जनता लगातार शिकार हो रही है,स्थानीय बैंकों के अंदर ,इतना सफोकेशन होता है कि सांस लेने के लिए भी सोचना पड़ता है,सुबह 11 बजे से लेकर पांच बजे तक का हाल देखा जा सकता है,रही बात सुविधाओ की तो ग्राहकों को पानी मिल जाय बड़ी बात होगी,नगर में जंहा जनता एक तरफ ऑन लाइन बैंकिंग भी ग्राहकों को मनमानी लूट रही है,वही ऑफ लाइन बैंकिंग का तो क्या कहना,जंहा बीच-बीच मे ग्राहकों को लंबा चूना लगने की खबरे आ ती ही रहती है,नगर में सार्वजनिक जगहों पर सीसीटीव्ही कैमरे उपलब्ध ही नही है,बस निजी,दुकानों, कार्यालयों में जुगाड़ दिखता है,वही बैंकों में लगे सीसीटीव्ही कैमरों की गुणवत्ता व उनका एंगल सिर्फ फॉर्मलटेड ही दिखती है,,जिसके चलते दिन में भी सही फ़ोटो ,वीडियो आ जाये बड़ी बात होती है,,जिसके चलते,आम जनता लुट पिट रही है,स्थानीय प्रशाशन जनता के लिए व्यवस्थाएं बनाने में लाचार दिखता है,बस स्टैंड,मुख्य चोको,में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने की मांग जनता कब से कर रही है,शांति समिति की बैठकों में भी मुद्दा उठ चुका है,मगर सवेदना विहीन तंत्र के चलते ,स्थिति दयनीय है,दबी जुबान अब तो जनता यह भी कहने लगी है कि जंहा कांग्रेस के शाशन काल मे डकैतों व आतंकवादियों के बल्ले बल्ले थे वही भाजपा के राम राज्य में,लुटेरों चोरों,गिरहकटो, जेबकतरों,व चरित्रहीनों का साम्राज्य दिखता है,,जिसके चलते नगर में हुई चोरियों का न तो खुलासा हो पाता ,और न ही जेब कतरे,लुटेरों की खबर हो पाती,,अब अगर आम जनता अपने आंख,कान खोलकर,न चले तो दोष तो जनता का ही होगा,जो अपने जान व जहां की सुरक्षा तक नही कर पा रही,और जिनको यह काम सौंपा है,वह कागजी,डिजिटल लिखा पढ़ी करके,आंकड़े दर्ज करके,प्राथमिकी तय कर रहे है,अशिक्षा,बेगारी, बेरोजगारी, नशाखोरी,हराम खोरी के चलते,समाज मे अपराधों का लगातार बढ़ता दायरा, पढ़े लिखे,शिक्षित, दीक्षित,शाशन, प्रशाशन व जनता की दीन हीन अवस्था देखने योग्य ही है,,लूट पीड़ित,बुजुर्ग तो हलाल हो ही गया,बैंक भी पल्ला ही झाड़ लेगा,पुलिस प्रशाशन ,भी आवेदन,निवेदन पर एफआईआर ,विभिन्न धाराओं में करके,साक्ष्यो,की पतासाजी कर, चोर को ढूढने का प्रयास करेगा,रोजनामचा में दर्ज होकर,कार्यवाही होगी,तब तक अपराधी अगले शिकार को हलाल करने की प्लानिग बना कर,कही और अपना धंधा चमकाएगा,,---7898080021✍🏿