वाह री, परसपुर पुलिस! सीएम से न्याय की गुहार लगाने के बाद, नाबालिक बालिका के अपहरण मामले में दर्ज किया केस

गोण्डा की लोकल खबरें, राजन कुशवाहा की रिपोर्ट -

गोण्डा। महिलाओं के साथ घट रही घटनाओं के रोकथाम को लेकर सरकार महिला सुरक्षा पर काफी गंभीर है। इसके लिए प्रदेश के सभी थानो पर टीम गठित करके पुलिस प्रतिदिन महिलाओं व बालिकाओं को अपनी सुरक्षा व अपराधियों से बचाव, शादी का झांसा सहित अन्य लोक लुभावन जाल से बचने का उपाय बता रही हैं। वहीं परसपुर थाना की पुलिस बालिकाओं व महिलाओं के साथ घटने वाली घटना पर पर्दा डालकर अपराधियों को बचाने का प्रयास करती नजर आ रही है। जिसका ताजा उदाहरण थाना परसपुर अंतर्गत एक नाबालिक बालिका के साथ घटित हुई घटना है।

किशोरी की मां ने बीते 8 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर न्याय किये जाने कि गुहार लगाई थी। महिला ने सीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि बीते 7 नवंबर की रात्रि में गांव के ही एक युवक अपने परिवार के लोगों की शह पर उसकी नाबालिग पुत्री को शादी का झांसा देकर बहला- फुसलाकर कहीं लेकर चला गया है। उसके घर वह शिकायत करने पहुंची, तो घर वालों ने उसे भला- बुरा कहते हुए दरवाजे से भगा दिया। पीड़ित महिला ने परसपुर थाने पर इसकी तहरीर दी। किंतु पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। बल्कि आरोपी के साथ बालिका को थाने पर बुलाकर उसका बचाव करने लगी। मीडिया में खबर आने के बाद पुलिस ने 10 नवंबर को इस मामले में विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पीड़िता पक्ष के अनुसार- बुधवार को पीड़िता को थाने पर बुलाया गया, जहां उससे सुलहनामा पर अंगूठा लगवाकर भगा दिया गया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी के साथ उसकी पुत्री को भी भेज दिया। पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। बल्कि आरोपी के साथ बालिका को थाने पर बुलाकर उसका बचाव करने लगी।

इस बाबत परसपुर थाना के प्रभारी निरीक्षक संतोष सरोज का कहना है कि पीड़ित महिला की तहरीर पर नामजद 4 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।