डिंपल सम्हालेंगी मुलायम की विरासत, मैनपुरी से प्रत्याशी घोषित

कन्नौज। गुरुवार को तमाम अटकलों को विराम देते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने पूर्व सांसद डिम्पल यादव को मैनपुरी संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया। यह सीट सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन से रिक्त हुई थी।अब तक समाजवादी पार्टी से कई लोगों की चर्चा थी। कभी तेज प्रताप तो कभी शिवपाल सिंह यादव। अब डिम्पल यादव को प्रत्याशी घोषित कर पार्टी ने तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है।समाजवादी पार्टी मैनपुरी से उम्मीदवार के तौर पर डिंपल यादव के अलावा तेज प्रताप यादव और धर्मेंद्र यादव के नाम पर विचार कर रही थी, लेकिन गुरुवार को डिंपल यादव के नाम पर मुहर लग गई है। डिंपल इससे पहले कन्नौज से सांसद रह चुकी हैं। फिरोजाबाद से भी चुनाव लड़ी थी, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। डिंपल यादव के चुनाव का संचालन खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे।

कुछ ऐसा रहा डिंपल यादव का सियासी सफर

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। डिंपल अपना पहला चुनाव हार गई थीं, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा। उनके भाषणों में शालीनता साफ दिखती है, यही वजह है कि वह कम समय में ही लोगों के दिलों में उतरती चली गईं। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की दो सीटों फिरोजाबाद और कन्नौज से चुनाव लड़ा। बाद में अखिलेश ने फिरोजबाद सीट छोड़ दी थी। उपचुनाव में डिंपल को वहां से उम्मीदवार बनाया। लेकिन डिंपल कांग्रेसी नेता राज बब्बर से चुनाव हार गईं थी।

अखिलश यादव के कन्नौज लोकसभा सीट छोडऩे के बाद वहां 2012 में उपचुनाव हुआ। सपा ने इस बार भी डिंपल यादव पर भरोसा जताया। इस चुनाव में बसपा, कांग्रेस, भाजपा ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जबकि, दो लोगों के नामांकन वापस लेने के बाद डिंपल निर्विरोध चुनाव जीतने में कामयाब रहीं। वहीं 2014 लोकसभा चुनाव में भी वह कन्नौज सीट बचा ले गईं थी। हालांकि 2019 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

सुभासपा ने भी उतारा प्रत्याशी

मैनपुरी उपचुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने भी ताल ठोंकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (ओपी राजभर) ने बुधवार को सुभासपा प्रत्याशी का एलान किया था। उन्होंने मैनपुरी उपचुनाव में रमाकांत कश्यप को प्रत्याशी बनाया है। रमाकांत कश्यप इटावा के रहने वाले हैं। हालांकि भाजपा ने अभी अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है।

अखिलश यादव के कन्नौज लोकसभा सीट छोडऩे के बाद वहां 2012 में उपचुनाव हुआ। सपा ने इस बार भी डिंपल यादव पर भरोसा जताया। इस चुनाव में बसपा, कांग्रेस, भाजपा ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जबकि, दो लोगों के नामांकन वापस लेने के बाद डिंपल निर्विरोध चुनाव जीतने में कामयाब रहीं। वहीं 2014 लोकसभा चुनाव में भी वह कन्नौज सीट बचा ले गईं थी। हालांकि 2019 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

सुभासपा ने भी उतारा प्रत्याशी

मैनपुरी उपचुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने भी ताल ठोंकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (ओपी राजभर) ने बुधवार को सुभासपा प्रत्याशी का एलान किया था। उन्होंने मैनपुरी उपचुनाव में रमाकांत कश्यप को प्रत्याशी बनाया है। रमाकांत कश्यप इटावा के रहने वाले हैं। हालांकि भाजपा ने अभी अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है।