अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रवादी प्रभाव को देखते हुए कांग्रेस की सरकार घबरा गई है...

जीपीएम/अपने वादों को पूरा ना करने की नाकामी और शैक्षणिक संस्थाओं की विभिन्न प्रकार की दुर्गति को देखते हुए कांग्रेस सरकार यह जान गई है उनका जो छात्र संगठन एनएसयूआई है भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन वो चुनाव बुरी तरह से हारेगी इसका प्रभाव अगले वर्ष कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा और कांग्रेस पार्टी के एटीएम हमारे मुख्यमंत्री माननीय श्री भूपेश बघेल जी को भी इसके पूरे भारत देश में शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी हमारे जिले मरवाही में वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय में आज जो भी सुख सुविधाएं हैं उनका भवन है वो सिर्फ भारतीय जनता पार्टी की सरकार के माध्यम से मिला है और आज जितनी भी सुविधाएं हैं,वो सिर्फ भारतीय जनता पार्टी की सरकार के माध्यम से मिला है,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जो दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी छात्र संगठन है उसने 3 बार छात्र संघ चुनाव में कांग्रेस पार्टी के एनएसयूआई को किनारे कर दिया है क्योंकि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को और एनएसयूआई राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के उद्देश्य से अपने छात्र इकाई को चला रहे हैं और आर एस एस ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को राष्ट्र प्रथम और शिक्षा जीवन के लिए और जीवन वतन के लिए और ऐसे के धेय्य वाक्य लिए अनुरूप कार्य करने के लिए कॉलेज स्कूल के समय से ही तैयार कर रही है मरवाही मरवाही कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 3 बार निर्विरोध चुनाव जीती है और एक बार चुनाव लड़ कर के कांग्रेस पार्टी के एनएसयूआई के छात्र संगठन है।जो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहता है। उसको चुनाव में हरा दिया है,आयुष कुमार मिश्रा उस समय हमारे प्रभारी थे।उनके सामने कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जमीदोज हो गए और चुनाव में हार गए, ऐसी रणनीति वीर शिवाजी की रहती थी और आज हमारे छात्र इकाई को देखते हुए कांग्रेस पार्टी की सरकार ने छात्र संघ चुनाव के लिए मना कर दिया।

?ठाकुर आकर्ष प्रताप सिंह पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता।